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Khudiram Bose Pusa Railway Station: 6 किलोमीटर का लंबा जाम और 3 साल का इंतजार! ऐतिहासिक पूसा स्टेशन पर उग्र हुए लोग, आंदोलन की दी चेतावनी

ऐतिहासिक खुदीराम बोस पूसा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ओवरब्रिज (ROB) निर्माण, महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव और सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया. 6 किलोमीटर लंबे जाम से परेशान ग्रामीणों ने जल्द मांगें न मानने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.

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 पूसा स्टेशन पर उग्र हुए लोग पूसा स्टेशन पर उग्र हुए लोग

खुदीराम बोस पूसा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ओवरब्रिज निर्माण, महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव और स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत सौंदर्यीकरण करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. इन मांगों को लेकर लोगों ने खुदीराम बोस पूसा स्टेशन के पास धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर जल्द पहल नहीं हुई तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

ऐतिहासिक है खुदीराम बोस पूसा स्टेशन
खुदीराम बोस पूसा स्टेशन का अपना अलग ऐतिहासिक महत्व है. ऐतिहासिक पूसा रेलवे स्टेशन के पास से ही खुदीराम बोस को अंग्रेजों ने गिरफ्तार किया था. इसी वजह से रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर खुदीराम बोस पूसा रखा गया. हालांकि, ऐतिहासिक पहचान रखने वाले इस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की कमी, रेलवे गुमटी पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण नहीं होने और ट्रेनों के ठहराव जैसी समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है.

तीन वर्षों से आरओबी और ट्रेन ठहराव की मांग
धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. नीरज कुमार मिश्रा ने कहा कि खुदीराम बोस पूसा रेलवे क्रॉसिंग आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है. क्षेत्र के युवा और आमजन पिछले तीन वर्षों से रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण और पूसा स्टेशन पर विभिन्न ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं हुई है. चुनाव के समय स्थानीय सांसद और विधायक की ओर से इस मामले को लेकर आश्वासन दिया जाता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सभी अपने वादे भूल जाते हैं.

डीआरएम से लेकर रेल मंत्री तक दिया आवेदन
डॉ. नीरज ने बताया कि इन मांगों को लेकर समस्तीपुर के डीआरएम, हाजीपुर के जीएम, रेल मंत्री सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों को भी आवेदन दिया गया है. इसके बावजूद अभी तक इस पर कोई पहल दिखाई नहीं पड़ रही है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस रेलवे गुमटी से प्रतिदिन 3 हजार से अधिक मालवाहक और अन्य तरह के वाहन दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल सहित दूसरे जिलों की ओर आते-जाते हैं. वहीं, समस्तीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर प्रतिदिन करीब 125 ट्रेनों का परिचालन होता है. ट्रेनों के गुजरने के दौरान रेलवे क्रॉसिंग लंबे समय तक बंद रहती है. इसकी वजह से क्रॉसिंग के दोनों ओर करीब 6 किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है.

जाम में बच्चे और एंबुलेंस भी फंसते हैं
लंबे जाम की वजह से विद्यालय आने-जाने वाले बच्चे, एंबुलेंस, वैनी थाने की गाड़ियां और आम वाहन घंटों तक फंसे रहते हैं. इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी बनने से इस समस्या से काफी राहत मिल सकती है. इसके साथ ही पूसा स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव और अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन का सौंदर्यीकरण भी जरूरी है.

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. लोगों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आने वाले समय में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
 

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