राखी बंधवाते हुए
राखी बंधवाते हुए
रक्षाबंधन के मौके पर कोटा पुलिस ने आम लोगों और पुलिस के बीच भरोसा मजबूत करने के लिए खास पहल की. पुलिस की ओर से ‘रक्षा का वचन’ अभियान चलाया गया. इस अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों और जवानों ने लोगों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया और सुरक्षा का भरोसा दिलाया.
इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम बाधित बाल विकास केंद्र की ओर से संचालित उच्च माध्यमिक बधिरांध विद्यालय पहुंचीं. यहां उन्होंने करीब 300 विशेष बच्चों से राखी बंधवाई. एसपी ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें मिठाई व उपहार भी दिए. इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली.
कार्यक्रम के दौरान एसपी तेजस्वनी गौतम ने एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की. उन्होंने बताया कि अब कोटा के हर थाने से एक पुलिसकर्मी को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसका मकसद सुनने और बोलने में असमर्थ बच्चों और लोगों की समस्याओं को आसानी से समझना है.
पुलिस का मानना है कि सांकेतिक भाषा की जानकारी होने से ऐसे लोग बिना किसी परेशानी के अपनी शिकायत और समस्या पुलिस तक पहुंचा सकेंगे. इससे पुलिस और विशेष जरूरत वाले लोगों के बीच संवाद बेहतर होगा.
पुलिस की बैंड टीम स्कूल के बच्चों को बैंड वादन का प्रशिक्षण भी देगी. इससे बच्चे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और खास मौकों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर सकेंगे.
विद्यालय की प्रिंसिपल सर्वेश्वरी रानीवाला ने बताया कि 1975 में स्कूल की स्थापना के बाद यह पहली बार है, जब किसी पुलिस अधीक्षक ने यहां पहुंचकर बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया है.
एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिला सीएलजी, सुरक्षा सखी, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला बीट अधिकारी और पुलिस लाइन स्कूल के बच्चे भी शामिल हुए. वहीं, शहर के अलग-अलग थानों में करीब 2700 बच्चों और सुरक्षा सखियों ने पुलिस जवानों को राखी बांधी.
इस दौरान लोगों को पुलिस की अलग-अलग हेल्पलाइन से जुड़ी जानकारी देने वाले पर्चे भी बांटे गए. पुलिस की इस पहल का उद्देश्य त्योहार के जरिए समाज और पुलिस के बीच भरोसा और जुड़ाव बढ़ाना रहा.