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दूल्हा भी लड़की, दुल्हन भी लड़की, शहर में चर्चा का विषय बनी यह शादी

नागपुर और कोलकाता की इन दो लड़कियों ने ये साहसिक कदम उठाया है और इसका खुलकर इज़हार भी किया है. तभी तो ये दोनों ने इस तरह से रिंग कमिटमेंट यानी सगाई की है, डॉ सुरभि मित्रा और पारोमिता मुखर्जी. ये दोनों लेस्बियन हैं. इन्होंने नागपुर में रिंग कमिटमेंट सेरेमनी सगाई की है और यह जोड़ा अगले कुछ महीनो में समंदर किनारे शादी के बंधन में बंधने भी वाला है.

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हाइलाइट्स
  • नागपुर की डॉ. सुरभ‍ि को कोलकाता की परोम‍िता से हुआ प्यार

  • दोनों ने हाल ही में की है सगाई, अब जल्द शादी की तैयारी

आमतौर पर किसी सेलिब्रिटी की शादी ही चर्चा का विषय बनती है, सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है लेकिन नागपुर में होने वाली ये शादी समूचे शहर में चर्चा का विषय बन गई है. इस शादी में दूल्हा भी लड़की है और दुल्हन भी लड़की है. फिलहाल तो ये शादी नहीं हुई है लेकिन दो लड़कियों ने एक दूसरे को अपना जीवनसाथी चुन लिया है और दोनों ने रिंग कमिटमेंट सेरेमनी यानी सगाई कर ली है.

नागपुर और कोलकाता की इन दो लड़कियों ने ये साहसिक कदम उठाया है और इसका खुलकर इज़हार भी किया है. तभी तो ये दोनों ने इस तरह से रिंग कमिटमेंट यानी सगाई की है, डॉ सुरभि मित्रा और पारोमिता मुखर्जी. ये दोनों लेस्बियन हैं. इन्होंने नागपुर में रिंग कमिटमेंट सेरेमनी सगाई की है और यह जोड़ा अगले कुछ महीनो में समंदर किनारे शादी के बंधन में बंधने भी वाला है.

डॉ. सुरभि मित्रा पेशे से डॉक्टर और मनोचिकित्सक हैं और नागपुर में ही रहती हैं. इसके साथ ही एक निजी अस्पताल में काम करती हैं. जबकि परोमिता मुखर्जी कॉरपोरेट सेक्टर में अकाउंट अफसर के तौर पर काम करती हैं, जो मूल तौर पर कोलकाता की रहने वाली हैं. हालांक‍ि समलैंगिक विवाह को वर्तमान में हमारे समाज ने खुले तौर पर मान्यता नहीं दी है, लेकिन इन दोनों के इस निर्णय का, इन दोनों के परिवार ने मान्यता दे दी है.

कैसे हुई मुलाकात?

पिछले साल डॉ. सुरभि मित्रा एक सेम‍िनार के सिलसिले में कोलकाता गई थीं. इस सेमिनार में परोमिता मुखर्जी श्रोता के रूप में वहां मौजूद थीं. डॉ. सुरभि के भाषण और विचारों से परोमिता बहुत प्रभावित हुई और यहीं से इन दोनों की ये लव स्टोरी परवान चढ़ी. पहली डेट पर दोनों दोस्त बन गए और जैसे-जैसे दोस्ती मजबूत होती गई, वे एक-दूसरे की पसंद को जानने लगे. लॉकडाउन के दौरान फोन और व्हाट्सएप पर बातचीत का सिलसिला जारी रहा. रोजाना वीडियो कॉल के बिना उनका दिन खत्म नहीं होता. फिर दोनों को मिलने की उत्सुकता हुई और परोमिता मुख़र्जी ने डॉ. सुरभि मित्रा को शादी और जीवन संग बिताने के लिए प्रपोज़ कर द‍िया.

वैसे तो हमारे समाज में समलैंगिक विवाह की अनुमति नहीं है, इसलिए डॉ. सुरभि और परोमिता अपनी शादी को वैध बनाने के लिए कानूनी कदम उठाएंगे. इसके अलावा, वे उन जगहों पर बसने की कोशिश कर रहे हैं जहां समलैंगिक विवाह को समाज द्वारा आसानी से स्वीकार किया जाता है.
 

(योगेश पांडेय की र‍िपोर्ट)