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पति हुआ पत्नी के आशिक संग रहने को तैयार, लेकिन परिवार कर रहा विरोध... मामला पहुंचा थाने, पर नहीं मिला हल

ऐसे बहुत कम मामले होते हैं जहां पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे प्रेमी के साथ रहने को तैयार हो जाएं. ऐसा ही मामला सामने आया जहां एक पति पत्नी के प्रेमी संग रहने को तैयार है, पर परिवार विरोध की दीवार बना हुआ है.

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पति-पत्नी आशिक और बच्चों के साथ पति-पत्नी आशिक और बच्चों के साथ

यह कहावत तो लगभग सबने सुनी है 'मियां बीवी राजी तो क्या करेगा काजी'. लेकिन सीतापुर में कहावत ने अपने दायरे में बढ़ोतरी की है. नई कहावत कुछ इस तरह बनती दिख रही है 'पति पत्नी और प्रेमी साथ रहने को तैयार, विरोध की उन्हें कोई नही दरकार'.

सीतापुर के महमूदाबाद में ऐसा ही एक अनोखा प्रेम प्रसंग सामने आया है. जिसमें पति-पत्नी और आशिक तीनों साथ रहने को तैयार हैं. लेकिन परिवार वालों के विरोध के चलते मामला अब घर से बाहर निकल कर थाने तक पहुंच गया है.

पत्नी के आशिक संग साथ रहने को तैयार पति

महमूदाबाद कोतवाली में शुक्रवार को एक ऐसा ही मामला पहुंचा, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. पति शुभम वर्मा, पत्नी अंजू और नितिन नामक युवक के बीच रिश्ते को लेकर कोतवाली में काफी देर तक नोकझोंक और समझौते का प्रयास चलता रहा. बताया जा रहा है कि अंजू अपने पति शुभम और प्रेमी नितिन दोनों के साथ रहने की बात कह रही है. पति शुभम का भी कहना है कि वह पत्नी और नितिन के साथ रहने को तैयार है. दंपती के दो बच्चे भी हैं, जिन्हें साथ रखने की बात कही जा रही है. शुभम का कहना है कि वह पत्नी और नितिन का साथ नहीं छोड़ेगा, भले ही उसे अपना घर छोड़ना पड़े. वहीं अंजू भी घर छोड़ने की बात कहते हुए साथ नहीं छोड़ने पर अड़ी है.

पहले नहीं थी परिवार को साथ रहने से आपत्ति - महिला

दरअसल नितिन पहले भी घर आता-जाता था और रुकता था. शुभम उसे अपना भाई मानने की बात कहता है. दोनों के साथ बैठकर खाना खाने और फिर धीरे-धीरे रिश्तों में पैदा हुई नज़दीकी के चलते एक साथ एक ही घर मे रहने की बात भी सामने आई है. महिला के मुताबिक पहले परिवार वाले तीनों के एक साथ रहने पर राजी थे, लेकिन आप उन्होंने घर में रखने से इनकार कर दिया है. हालांकि, परिवार के अन्य सदस्यों को यह रिश्ता मंजूर नहीं है. परिजन पति-पत्नी के साथ नितिन के रहने का विरोध कर रहे हैं.

पुलिस के समझाने से नहीं बनी बात

मामला महमूदाबाद कोतवाली पहुंचने के बाद कोतवाल भानु प्रताप सिंह ने दोनों पक्षों को समझाने और मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल सहमति नहीं बन सकी है. फिलहाल एक एप्लीकेशन जरूर सामने आई है लेकिन कोई भी मामला पुलिस में पंजीकृत नहीं है. पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

- अरविंद मोहन मिश्रा की रिपोर्ट