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मुंबई में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन, मांगों को लेकर तिलक भवन में डटे छात्र, पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया

आदिवासी छात्रावासों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से 300 से अधिक आदिवासी छात्र मुंबई पहुंचे हैं. छात्र कल से मुंबई के तिलक भवन में ठहरे हुए थे.

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आदिवासी छात्रावासों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से 300 से अधिक आदिवासी छात्र मुंबई पहुंचे हैं. छात्र कल से मुंबई के तिलक भवन में ठहरे हुए थे. आज छात्रों द्वारा राज्यपाल से मिलने और अपनी मांगें रखने की मांग को लेकर तिलक भवन के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.

छात्रों ने आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद वे तिलक भवन में रुके हुए थे. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे. आज भले ही मुंबई छोड़ और अन्य जिलों में यह आंदोलन शुरू करने की बात छात्रों ने कही.

छात्रों को पुलिस ने बस में बैठाकर हिरासत में लिया
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की भारी तैनाती की गई. छात्रों के मुताबिक, पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने की कार्रवाई की और कई छात्रों को जबरन बसों में बैठकर हिरासत में लिया. तिलक भवन में छात्रों के ठहरने की व्यवस्था कांग्रेस की ओर से की गई थी. मुंबई यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जीनत शबरीन भी इस दौरान छात्रों के समर्थन में मौजूद रहीं. जीनत ने कहा कि यूथ अब चुप नहीं बैठेगा और भाजपा की जमीन हिल गई है.

आदिवासी छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आदिवासी छात्रावास में शिक्षा और रहने की सुविधाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रों का कहना है कि छात्रावासों में पर्याप्त बजट, भोजन, पानी, शौचालय और सोने की व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. छात्रों ने सेंट्रल किचन व्यवस्था बंद करने की मांग की है. प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि पिछले दो वर्षों में इस व्यवस्था के कारण 600 से अधिक विद्यार्थियों की मौत हुई है.

छात्रों की प्रमुख मांगें

  •  आदिवासी छात्रावासों में लागू सेंट्रल किचन व्यवस्था बंद की जाए.
  • आदिवासी मंत्री के इस्तीफे की मांग.
  • आदिवासी विकास भवन के सचिव और आयुक्त को हटाया जाए.
  • हॉस्टल को मिलने वाली DPT राशि में बढ़ोतरी की जाए.
  • छात्रावासों में पानी, टॉयलेट और बाथरूम की उचित व्यवस्था की जाए.
  • संभाजीनगर के एक छात्रावास में करीब 200 छात्राओं के लिए केवल एक बाथरूम होने का आरोप लगाते हुए व्यवस्था   सुधारने की मांग.
  •  छात्रों के अनुसार, संभाजीनगर में कई छात्राओं को एक बेड पर दो-दो सोना पड़ता है, जबकि कुछ को जमीन पर सोने की   स्थिति का सामना करना पड़ता है.
  • गड़चिरौली के एक आश्रम छात्रावास में सांप के काटने से छात्राओं की मौत के मामले में उचित जांच और मुआवजे की मांग.
  • छात्रावासों में हुई मौतों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
  •  संबंधित अधिकारियों और मंत्री की जवाबदेही तय की जाए.


गढ़चिरौली की घटना का भी मुद्दा
छात्रों ने गढ़चिरौली के एक आश्रम छात्रावास में सांप के काटने की घटना को भी अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है. छात्रों का दावा है कि करीब दो से तीन महीने पहले छह छात्राओं को सांप ने काटा था, जिनमें से तीन की मौत हो गई. प्रदर्शनकारी मृत छात्राओं के परिवारों को उचित मुआवजा देने और घटना की जांच की मांग कर रहे हैं.

3 अक्टूबर को आजाद मैदान में प्रदर्शन की मांग
छात्रों ने 3 अक्टूबर को आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी. उनका कहना है कि उन्हें अनुमति नहीं दी गई. इसके बाद छात्र तिलक भवन पहुंचे और वहीं से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखा. छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन की अनुमति देने की मांग की थी. वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की ओर से बड़ी संख्या में जवानों की तैनाती की गई. फिलहाल छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है. 25 अक्टूबर को दोबारा अपनी मांगों को लेकर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने की बात छात्रों ने कही.

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