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मां ने ममता को किया शर्मसार, जिंदा बेटे को कागजों में मारा... रिश्तेदारों संग बनाई जमीन हड़पने की साजिश

संपत्ति के विवाद कई बार रिश्तों का तारतार कर देते हैं. ऐसे ही मामले में एक मां ने बेटे के नाम जमीन को हड़पने के लिए उसका फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवा दिया. साथ ही डेथ सर्टिफिकेट को नगरपालिका और चिकित्सा विभाग ने जारी किया, जिससे दोनों विभागों पर भी सवाल उठ रहे हैं.

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पोता दादा-दादी के साथ पोता दादा-दादी के साथ

उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड के महोबा जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. इस मामले ने एक मां की ममता को ही कलंकित कर दिया है. दरअसल यहां एक कलयुगी मां ने अपने ही भाइयों के साथ मिलकर 7 साल के अपने ही इकलौते बेटे को कागजों में मृत घोषित कर दिया. 

इस मां ऐसा केवल बेटे के नाम सवा बीघा जमीन हड़पने के लिए किया. हैरानी की बात है कि चिकित्सा विभाग और नगरपालिका से फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी हो गया. जैसे ही मामले के बारे में दादा-दादी को पता चला तो उन्होंने बच्चे की जान को खतरा बताते हुए एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई है.

बाप ने क्यों की जमीन बेटे के नाम

कहते हैं कि दुनिया में मां की ममता से बढ़कर कोई रिश्ता नहीं होता. लेकिन, जब बात संपत्ति के लालच की हो, तो अच्छे-अच्छे रिश्ते कलंकित हो जाते हैं. महोबा शहर के नगर पालिका परिषद अंतर्गत महतवानापुरा मोहल्ले में लालच का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने सभी के होश उड़ा दिए हैं. ​यहां रहने वाले दिवंगत हरीश कुमार चौरसिया ने अपनी पत्नी रजनी चौरसिया के रूखे और झगड़ालू व्यवहार को देखते हुए अपनी मृत्यु के समय आईटीआई कॉलेज के पीछे स्थित सवा बीघा की बेशकीमती जमीन अपने इकलौते पुत्र पुष्पराज चौरसिया के नाम कर दी थी. 

रिश्तेदारों के संग मिलकर रची साजिश

पति की मौत के करीब 6 साल बाद उसी मासूम की मां रजनी ने जमीन हथियाने के लिए अपने भाइयों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रच डाली. ​मां ने अपने 7 साल के जीवित बेटे पुष्पराज को कागजों में मृत दिखाते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका परिषद के तंत्र में सेंध लगाकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करवा लिया. 

इस प्रमाणपत्र में उसने अपने जीवित बेटे को 7 माह 16 दिन की आयु का बताते हुए 3 मार्च 2019 को मृत दर्ज कराया और 7 जनवरी 2026 को यह मृत्यु प्रमाणपत्र जारी भी हो गया. ​इस घिनौनी साजिश का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के दादा कुंवर बहादुर चौरसिया को इसकी भनक लगी. जिसके बाद दादा और दादी हीराबाई चौरसिया का रो-रोकर बुरा हाल है.

बच्चे की जान का डर रहा सता

मासूम पुष्पराज वर्तमान में अपने दादा-दादी के साथ ही रहता है. दोनों वृद्ध उसकी देखभाल कर रहे हैं. परिजनों का आरोप है कि रजनी का भाई रवि गुंडे लेकर घर आता है और जमीन बेचकर पैसों का दबाव बना रहा है. 

दादा-दादी को अब डर सता रहा है कि कागजों में मृत घोषित हो चुका उनका पोता कहीं हकीकत में न मारा जाए. पीड़ित वृद्ध दादा ने एसडीएम सदर शिवध्यान पांडे से शिकायत दर्ज कराकर बच्चे की सुरक्षा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं.