scorecardresearch

हरियाणा के लाल ने किया कमाल, नरेंद्र ने पांच दिन में दो बार फतह किया माउंट किलिमंजारो

नरेंद्र ने 26 दिसंबर 2021 को माउंट किलिमंजारो नेशनल पार्क से अपनी चढ़ाई शुरू की और 28 दिसंबर 2021 को छह बजे अपना पहला सबमिट पूरा कर चोटी पर तिरंगा फहराया. इसके बाद फिर से उसी स्फूर्ति के साथ अपनी चढ़ाई शुरू की और 30 दिसंबर 2021 को किलिमंजारो 19,341 फीट ऊंची पर दूसरी बार तिरंगा फहराया.

 नरेंद्र ने पांच दिन में दो बार फतह किया माउंट किलिमंजारो नरेंद्र ने पांच दिन में दो बार फतह किया माउंट किलिमंजारो
हाइलाइट्स
  • पांच दिन मे दो बार की चढ़ाई

  • अप्रैल में दोबारा करेंगे चढ़ाई

हरियाणा जहां का दुध-दही दुनिया भर में मशहूर है. ऐसी ही पृष्ठभूमि ये ताल्लुक रखने वाले हरियाणा के लाल ने कुछ ऐसा कारनामा कर दिखाया है. जिसकी चर्चा दुनिया भर में है. हरियाणा के हिसार के रहने वाले नरेंद्र ने भारत का नाम दुनिया भर में रौशन किया है. नरेंद्र ने माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराया है. 

पांच दिन मे दो बार की चढ़ाई
उन्होंने 26 दिसंबर 2021 को माउंट किलिमंजारो नेशनल पार्क से अपनी चढ़ाई शुरू की और 28 दिसंबर 2021 को छह बजे अपना पहला सबमिट पूरा कर चोटी पर तिरंगा फहराया. इसके बाद फिर से उसी स्फूर्ति के साथ अपनी चढ़ाई शुरू की और 30 दिसंबर 2021 को किलिमंजारो 19,341 फीट ऊंची पर दूसरी बार तिरंगा फहराया. नरेंद्र ने माइनस 15 डिग्री टेम्परेचर में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर पांच दिन में लगातार दो बार फतह कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है.

अप्रैल में दोबारा करेंगे चढ़ाई
नरेंद्र का कहना है कि अप्रैल माह में माउंट एवरेस्ट की चोटी पर वो दोबारा तिरंगा फहराएंगे. नरेंद्र को बचपन से पहाड़ों पर रहने और उन पर चढ़ने का शौक था. बचपन में भी वह कई बार परिवार के साथ कई पहाड़ों पर चढ़कर आ चुके हैं. अब वह अपना शौक पूरा करने के लिए दुनिया की ऊंची चोटियों पर चढ़कर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं.

 
पांच दिन फ्रूट्स और नट्स खाकर किया गुजारा
नरेंद्र ने बताया कि ऊंचाई पर पहुंचने पर ऑक्सीजन लेवल गिर जाता है. साथ ही सांस लेने में कठिनाई होती है, लेकिन उसने अपने हौसले को बुलंद रखा और चोटी पर फतह की है. उसने बताया कि अफ्रीका में ज्यादातर नॉनवेज मिलाता है और वह वेजिटेरियन है. ऐसे में उन्हें पांच दिनों तक फ्रूट्स और नट्स खाकर गुजारा करना पड़ा. टेम्परेचर माइनस होने के कारण पानी इतना ठंडा होता है कि वह पीते ही ठिठुरन और अधिक बढ़ जाती है.

पिता ने बढ़ाया हौसला 
नरेंद्र ने बताया कि वह हिसार के मिगनी खेड़ा के निवासी हैं. उनके पिता सुभाष चंद्र आबकारी विभाग में अधिकारी के पद से रिटायर्ड हैं. उनके पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया है और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है. अगला टारगेट माउंट एवरेस्ट को फतह करना है. नरेंद्र का अगला टारगेट अब अप्रैल में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने का है. उसकी तैयारियों को लेकर वह दिन-रात मेहनत करने में लगे हुए हैं और अपनी पढ़ाई भी कर रहे हैं.