Union Budget 2026
आज 1 फरवरी है. देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला दिन. आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार पर टिकी हैं. निवेशक इस बात पर टिके हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है. यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है. अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है.
आसानी से समझना है बजट... तो इन भारी-भरकम शब्दों का जरूर जानें मतलब
कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं में छूट दी जाएगी. 7 और जो दुर्लभ बीमारियों की दवाओं में, खास मेडिकल पर्पज के लिए उसके आयात में छूट मिलेगी.
भारत के डेटा केंद्रों से क्लाउड सेवाओं के लिए 2047 तक कर छूट.
कैपिटल गुड्स उपलब्ध कराने वाले टोल निर्माताओं को कर से छूट देना.
इनकम टैक्स फार्म को आसान बनाया जाएगा, छोटे करदाताओं के लिए प्रोसेस आसान होगा, 31 जुलाई तक दाखिल कर सकते हैं रिटर्न. इस कानून में तकनीकी खामी को दंड से जुर्माने में बदलने का प्रस्ताव है. छोटे टैक्स अपराधों में सिर्फ जुर्माना लगेगा.
26.7 लाख करोड़ टैक्स में 49.6 लाख करोड़ खर्च. पूंजीगत व्यय 11 लाख करोड़ रहा.
उन्होंने कहा कि मेंटल इस्टीट्यूट को मजबूत किया जाएगा. हर जिले में इमरजेंसी वार्ड बढ़ाए जाएंगे- वित्त मंत्री
ये सर्किट अरुणाचल, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में होगा.
सम्मेलन में हिस्सा लेंगे 95 देशों के सरकारों के प्रमुख और मंत्री