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गंगा में डुबकी में ‘आस्था’ के साथ ‘सुरक्षा’ का भी एहसास, नमो घाट पर जेटी का हो रहा निर्माण

काशी में बाबा विश्वनाथ के प्रांगण का नया रूप काशी कॉरिडोर बनने के बाद से दर्शनार्थियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी है. मां गंगा में डुबकी लगाते वक्त उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए नमो घाट पर जेटी का निर्माण हो रहा है.

जेटी जेटी
हाइलाइट्स
  • हर उम्र के लोग कर सकेंगे गंगा स्नान

  • पायलट प्रोजेक्ट है नमो घाट

काशी में माँ गंगा में डुबकी लगाकर आस्था के साथ अगर आप पूरी तरह सुरक्षित भी महसूस करना चाहते हैं तो अब काशी के नमो घाट पर इसकी सुविधा आपको मिलेगी. अगर किसी को तैरना नहीं आता तो भी गंगा की धारा में निश्चिंत होकर डुबकी लगा सकते हैं. काशी में पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जा रहे नमो घाट पर इस तरह की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. फ्लोटिंग जेटी (floating jetty) या प्लेटफ़ॉर्म से लगे बाथ कुंड और घाट पर चेंजिंग रूम समेत कई सुविधा जल्दी ही लोगों को मिलेंगी.
                       
हर उम्र के लोग कर सकेंगे गंगा स्नान
काशी में बाबा विश्वनाथ के प्रांगण का नया रूप काशी कॉरिडोर बनने के बाद से दर्शनार्थियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी है. बाबा विश्वनाथ के दर्शन से पहले मां गंगा में स्नान की परंपरा सदियों से रही है. गंगा के घाटों को स्वच्छ करने के साथ ही मां गंगा को अविरल और निर्मल बनाने की कोशिश भी लगातार जारी है. अपनी पिछली बैठकों में यूपी के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने इस बात को लेकर भी निर्देश दिया था कि गंगा स्नान को भी सुगम बनाया जाए. हर उम्र के लोगों और दिव्यांगों के लिए गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाने की व्यवस्था हो. अब इसपर काम शुरू हो गया है और पहली बार काशी के घाट पर स्नान कुंड और जेटी बनाया का रहा है. दरअसल काशी आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने के साथ ही गंगा में डुबकी लगाने वालों की संख्या भी बढ़ी है.

पायलट प्रोजेक्ट है नमो घाट
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नमो घाट को लिया गया है.  नए रूप में संवारे गए खिड़किया घाट(नमो घाट) में विशेष व्यवस्था की जा रही है. घाट के सामने गंगा की धारा में फ्लोटिंग जेटी पर ‘स्नान कुंड’ बनाया जाएगा. इसका पूरा प्लान तैयार हो गया है.  वाराणसी स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक डॉ डी. वासुदेवन बताते हैं ‘दो बाथ कुंड बनाया जाएगा जो करीब 4-5 फीट गहरा होगा. इसके नीचे स्टेनलेस स्टील(stainless steel)की जाली लगी होगी. यानि इस बाथ कुंड में स्नान या डुबकी के लिए अगर कोई उतरे तो डूबने आशंका खत्म हो जाएगी. ’ 
इस बाथ कुंड और फ्लोटिंग जेटी के निर्माण में करीब 2 करोड़ की लागत आएगी. पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में ये सौग़ात जल्दी ही यहां आने वालों को मिलेगी. 

गंगा की निर्मल धारा में स्नान की ये व्यवस्था दिव्यांग जनों के लिए ख़ास तौर पर अनुकूल होगी. अभी कई बार गंगा के घाट पर स्नान में सुविधा की वजह से दिव्यांगजन गंगा में नहीं उतरते थे. अब जेटी और बाथ कुंड से घेर कर सुरक्षित बनाने के अलावा रिलीफ बोट भी घाट पर जेटी के नजदीक रहेगी. 

यात्री सुविधाओं का विकास 
फ्लोटिंग जेटी के निर्माण के अलावा इस घाट पर कई यात्री सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं. जेटी के अलावा 7 चेंजिंग रूम का निर्माण किया जा रहा है जिसमें 3 पुरुष और 3 महिलाओं के लिए और 1 वीआईपी चेंजिंग रूम होगा.  जेटी के चारों ओर पोलार्ड लाइट्स लगाई जाएंगी.  पर्यटकों की सुविधा के लिए जेटी पर क्रूज़ और अन्य बोट भी चलाए जाएंगे. लेकिन माँ गंगा में सिर्फ़ डुबकी लगाने वालों के लिए ही नहीं बल्कि घाट से माँ गंगा के दर्शन करने के लिए भी जेटी में व्यवस्था की जा रही है जहां खड़े होकर पर्यटक धनुषाकार घाटों और नवनिर्मित नमो घाट का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे. नमो घाट पर जेटी लगाने का प्रयोग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया जा रहा है जिसके सफल होने पर दूसरे घाटों पर भी ये लगाया जाएगा. काशी के खिड़किया घाट को टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए कई निर्माण कार्य यहाँ हुए हैं. यहाँ नमस्कार की मुद्रा में 3 स्कल्पचर की वजह से ‘नमो घाट’ के रूप में जाना जाता है.