कम तापमान से जमा पानी
कम तापमान से जमा पानी
राजस्थान का नागौर जिला इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है. उत्तरी बर्फीली हवाओं के तेज प्रभाव से शुक्रवार रात यहां के न्यूनतम तापमान में अचानक 18 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई. जिसके बाद पारा 0.4 डिग्री सेल्सियस पर आ पहुंचा. इससे नागौर प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा जिला बन गया. खेतों में जमीन पर बर्फ जैसी सफेद चादर जम गई, जिसे स्थानीय लोग 'पाला' या 'बर्फ जमना' कह रहे हैं.
शनिवार को भी ठंड में कोई खास राहत नहीं मिली. अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री और न्यूनतम 4 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं 22 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने कोल्ड वेव जैसा एहसास पैदा किया, जिससे रातें और भी असहनीय हो गईं.
मौसम विभाग का अलर्ट
अगले 48 घंटों तक तापमान इसी स्तर पर रहने की संभावना है, इसी को देखते हुए मौसम विभाग की तरफ से अलर्ट जारी कर दिया गया है. जिले के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी हुआ है.
किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
नागौर के किसानों के लिए यह ठंड सबसे बड़ी मार साबित हुई है. खासकर खड़ी सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. किसान नवरतन लाल मेघवाल ने बताया, आज इतनी बर्फ पड़ी है कि सरसों की फसल खराब हो गई. ज्यादा पाला पड़ने से फूल और फलियां प्रभावित हो गईं, पैदावार बहुत कम होगी या लगभग नहीं होगी.
उन्होंने आगे कहा कि हम पिछले 4 महीने से इसी फसल पर अपनी सारी उम्मीदें लगा रखी थीं. अब इस ठंड और बर्फ ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया. हम सरकार से फसल बीमा के तहत मुआवजे की मांग करते हैं. कई अन्य किसानों ने भी बताया कि खेतों में जमे पानी और बर्फ से सरसों के पौधे झुलस गए हैं. कुछ इलाकों में गेहूं और जीरे को भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है.
आने वाले दिनों में मौसम का बड़ा बदलाव
एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26-27 जनवरी को सक्रिय होने वाला है. जिससे 26 जनवरी दोपहर बाद पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभवना है. वहीं, 27 जनवरी को अजमेर, बीकानेर, जयपुर और जोधपुर संभाग में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश, आकाशीय बिजली और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना है. यह बदलाव ठंड से राहत दे सकता है, लेकिन बारिश से फसलों को और नुकसान का खतरा भी है.
मौसम विभाग ने दी सावधानी बरतने की नसीहत
किसान फसलों को ढकने या धुंआ करने जैसे उपाय अपनाएं. साथ ही ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े, अलाव और गरम चीजों का सेवन करें. नागौर में यह कड़ाके की ठंड ने लोगों की रूह कंपा दी है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाला विक्षोभ कुछ राहत लाएगा.
- केशा राम की रिपोर्ट