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पान मसाला की पैकिंग में अब प्लास्टिक नहीं चलेगा, एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर पर भी रोक, पेपर, टिन या कांच में ही पैक करना होगा

FSSAI ने इन बदलावों का ड्राफ्ट 28 अप्रैल 2026 को जारी किया था. इसमें आम लोगों और प्रभावित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. ड्राफ्ट पर 60 दिनों तक सुझाव लिए गए. लोगों से मिले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अब अंतिम संशोधन जारी किया गया है.

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Pan Masala Packaging Pan Masala Packaging
हाइलाइट्स
  • पैकिंग के अंदर भी प्लास्टिक नहीं चलेगा

  • पान मसाला की प्लास्टिक पैकेजिंग पर रोक

पान मसाला बनाने वाली कंपनियों को अब इसकी पैकिंग में प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करना होगा. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग के लिए नए नियम जारी किए हैं. इसके तहत पान मसाला को प्लास्टिक-फ्री पेपर, पेपरबोर्ड, सेलुलोज या प्राकृतिक रूप से प्राप्त सामग्री में पैक किया जा सकेगा. इसके अलावा टिन और कांच के कंटेनर भी इस्तेमाल किए जा सकेंगे. नए नियम 10 अगस्त को गजट में अधिसूचना जारी होने के साथ लागू हो गए हैं.

पैकिंग के अंदर भी प्लास्टिक नहीं चलेगा
FSSAI ने साफ किया है कि केवल बाहर से कागज की पैकिंग करना पर्याप्त नहीं होगा. पैकिंग में अंदर की तरफ भी किसी तरह की प्लास्टिक या सिंथेटिक आइटन नहीं होना चाहिए. यानी पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिएस्टर, PVC या दूसरे सिंथेटिक पॉलिमर, को-पॉलिमर और लैमिनेट का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.

एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर भी प्रतिबंधित
नए नियमों में पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले पेपर और प्राकृतिक सामग्री में एल्युमिनियम फॉयल या मेटलाइज्ड लेयर लगाने की भी मनाही की गई है. यानी कागज के ऊपर या अंदर प्लास्टिक अथवा धातु की चमकीली परत लगाकर बनाई गई पैकिंग भी मान्य नहीं होगी. FSSAI के मुताबिक पैकिंग सामग्री पूरी तरह प्लास्टिक और सिंथेटिक पॉलिमर से मुक्त होनी चाहिए.

टिन और कांच के कंटेनर का भी विकल्प
FSSAI ने पान मसाला की पैकिंग के लिए टिन और कांच के कंटेनर को भी मंजूरी दी है. यानी कंपनियां प्लास्टिक की जगह इन दोनों विकल्पों का इस्तेमाल कर सकती हैं. नए नियमों में इन पैकेजिंग विकल्पों को अलग से शामिल किया गया है.

पान मसाला पर बैन नहीं, सिर्फ पैकिंग बदली
नए नियमों को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि FSSAI ने पान मसाला पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है. यह फैसला सिर्फ इसकी पैकेजिंग से जुड़ा है. पान मसाला को किस तरह की सामग्री में पैक किया जा सकता है, अब इसके लिए नियम तय कर दिए गए हैं.

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के नियम भी लागू होंगे
संशोधन में यह भी कहा गया है कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के कुछ प्रावधान पान मसाला की पैकेजिंग पर भी लागू होंगे. इसका उद्देश्य पैकेजिंग में प्लास्टिक आधारित सामग्री के इस्तेमाल को कम करना है.

28 अप्रैल को जारी हुआ था ड्राफ्ट
FSSAI ने इन बदलावों का ड्राफ्ट 28 अप्रैल 2026 को जारी किया था. इसमें आम लोगों और प्रभावित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. ड्राफ्ट पर 60 दिनों तक सुझाव लिए गए. लोगों से मिले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अब अंतिम संशोधन जारी किया गया है. यह बदलाव Food Safety and Standards (Packaging) Regulations, 2018 में किया गया है. इसमें पान मसाला को Schedule 4 में नई एंट्री के तौर पर जोड़ा गया है. FSSAI ने यह संशोधन Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद जारी किया है.

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