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संसद में आ रहा सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल, जानें देश में कब-कब बढ़ाई गई SC में न्यायाधीशों की संख्या?

साल 1956 में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या अधिकतम 10 तय की गई थी. इसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शामिल नहीं थे. इसके बाद इसमें समय-समय पर कई बार बदलाव किया गया. आखिरी बार इसमें साल 2019 में बदलाव किया था. जिसमें न्यायाधीशों की संख्या 33 हुई थी.

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संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो गया है. हालांकि विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है. जिसकी वजह से कई बार लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है. सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण बिल पेश करने जा रही है. इसमें एक सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने को लेकर है. मई में सरकार ने अध्यादेश जारी किया था, जिसको लेकर सरकार ने इस सत्र में बिल टेबल किया है. चलिए आपको बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कितनी संख्या है और कितनी बार और कब-कब जजों की संख्या बढ़ाई है.

बिल को पास कराने के लिए कितने सांसदों की जरूरत होगी?
सरकार ने इस सत्र में उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पास कराने जा रही है. इसपर चर्चा के लिए 4 घंटे का वक्त तय किया गया है. इस प्रस्ताविक संशोधन के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी. इसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शामिल नहीं हैं. इस बिल को पास कराने का मकसद अदालत में लंबित मामलों को तेजी से निपटाना है.

कब-कब बढ़ाई गई संख्या?
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में पहली बार बढ़ोतरी नहीं की जा रही है. इससे पहले भी समय-समय में कई बार कानून में बदलाव किया गया है. चलिए आपको बताते हैं कि कब-कब बदलाव हुआ है.

  • साल 1956 में सुप्रीम कोर्ट में एक्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या अधिकतम 10 तक की गई थी.
  • साल 1960 में इसमें बदलाव किया गया और न्यायाधीशों की संख्या 13 कर दी गई. 
  • इसके बाद एक बार फिर संशोधन किया गया और न्यायाधीशों की संख्या 17 कर दी गई.
  • एक बार फिर साल 1986 में उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधनियम में बदलाव किया गया और न्यायाधीशों की संख्या 25 कर दी गई.
  • साल 2009 में एक बार फिर कानून में बदलाव किया गया और न्यायाधीशों की संख्या 30 कर दी गई.
  • साल 2019 में कानून एक बार फिर बदला गया और न्यायाधीशों की संख्या 30 से बढ़कार 33 कर दी गई.
  • अब एक बार फिर न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 किया जा रहा है. इसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शामिल नहीं हैं.

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