स्वास्थ्य मंत्रालय ने 25 फरवरी को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे आधिकारिक पत्र में बताया कि अभियान का शुभारंभ 28 फरवरी को सुबह 11:30 बजे से होगा. कार्यक्रम के दौरान सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश वर्चुअली जुड़ेंगे. इसमें मुख्यमंत्री, प्रशासक, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी शामिल रहेंगे.
कौन सा टीका लगेगा?
अभियान के तहत Gardasil 4 नामक क्वाड्रिवैलेंट HPV वैक्सीन की सिंगल डोज दी जाएगी. यह टीका HPV के टाइप 16 और 18 से सुरक्षा देता है, जो सर्वाइकल कैंसर के प्रमुख कारण माने जाते हैं. साथ ही यह टाइप 6 और 11 से भी बचाव करता है.
क्यों जरूरी है HPV वैक्सीन?
सर्वाइकल कैंसर भारत समेत दुनियाभर में महिलाओं में होने वाला एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है. यह बीमारी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण के कारण होती है. यह एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसे समय पर टीकाकरण से काफी हद तक रोका जा सकता है.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि सरकार लड़कियों में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है.
कहां लगेगा टीका?
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र)
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
उप-जिला एवं जिला अस्पताल
सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
इन सभी केंद्रों पर कोल्ड चेन पॉइंट (CCP) की व्यवस्था होगी ताकि वैक्सीन सुरक्षित तापमान पर रखी जा सके. साथ ही AEFI (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव) के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित मेडिकल अधिकारी तैनात रहेंगे.
अभिभावक की सहमति जरूरी होगी
HPV वैक्सीनेशन पूरी तरह स्वैच्छिक है. 14 साल की लड़कियों को टीका लगाने से पहले माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी.
तीन महीने तक चलेगा विशेष अभियान
अभियान की अवधि तीन महीने की होगी, जिसमें हर दिन वैक्सीन उपलब्ध रहेगी ताकि अधिकतम पात्र लड़कियों को कवर किया जा सके. इसके बाद यह टीका नियमित टीकाकरण दिवसों पर भी उपलब्ध रहेगा.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है और लक्ष्य के अनुसार वैक्सीन की आपूर्ति भी कर दी गई है.
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