scorecardresearch

साइबर क्राइम, नशा और ट्रैफिक रूल्स पर पुलिस दे रही अवेयरनेस क्लास, सड़क पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से बच्चों को हो रहा फायदा

पुलिसकर्मी बच्चों को सड़क पर भी ट्रैफिक नियमों का पालन कराते हुए दिखे. बाइक और गाड़ियों को निर्देश देते हुए बच्चे पुलिस की तरह लग रहे थे. इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा और वे ट्रैफिक नियमों की गंभीरता को समझ सके.

Advertisement
 police awareness campaign police awareness campaign
हाइलाइट्स
  • सड़क पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से जागरूकता बढ़ी

  • समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस विभाग ने स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों को साइबर क्राइम, नशे और ट्रैफिक नियमों के प्रति सजग बनाया है. डीजीपी के निर्देश के बाद जिले के पुलिस पदाधिकारी कई स्कूलों में पहुंचकर बच्चों को क्लासरूम में समझा रहे हैं कि कैसे वे खुद और समाज दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं. इस अभियान के तहत बच्चों को ट्रैफिक नियमों की प्रैक्टिकल भी कराया जा रहा है.

स्कूलों में पुलिस के साथ अवेयरनेस क्लास
पतरातु के एसडीपीओ गौरव गोस्वामी सहित जिले के सभी थाना प्रभारी सक्रिय होकर स्कूलों में जाकर बच्चों को साइबर सुरक्षा, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव, और ट्रैफिक नियमों की जानकारी दे रहे हैं. बच्चों को यह बताया जा रहा है कि वे पुलिस की मदद कैसे कर सकते हैं और अच्छे नागरिक कैसे बन सकते हैं. बच्चों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला. एक छात्रा ने कहा, "पुलिस की तरह ट्रैफिक नियम करवाना अच्छा लगा, इससे दुर्घटनाएं कम होंगी."

अभिभावकों ने भी जताई खुशी
अभिभावक भी इस पहल से खुश हैं. वे मानते हैं कि इस तरह की शिक्षा से बच्चों को साइबर ठगी से बचाव होगा, नशे से दूर रहेंगे और वे क्राइम की ओर नहीं जाएंगे. उन्होंने पुलिस के इस प्रयास को समाज के लिए बेहद फायदेमंद बताया.

सड़क पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से जागरूकता बढ़ी
पुलिसकर्मी बच्चों को सड़क पर भी ट्रैफिक नियमों का पालन कराते हुए दिखे. बाइक और गाड़ियों को निर्देश देते हुए बच्चे पुलिस की तरह लग रहे थे. इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा और वे ट्रैफिक नियमों की गंभीरता को समझ सके. इससे परिवार के अन्य सदस्य भी प्रभावित होंगे और वे खुद नियमों का पालन करेंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी.

समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
इस अभियान से न सिर्फ बच्चों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि पूरे समाज में एक सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद भी जगी है. पुलिस के इस प्रयास से एक सुरक्षित और जागरूक समाज की नींव मजबूत होगी. ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहें तो भविष्य के बेहतर नागरिक तैयार होंगे.

-रामगढ़ से राजेश वर्मा की रिपोर्ट