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भरत मिलाप देख कर भक्तिमय हुआ माहौल, चारो भाई के मिलन को देखने उमड़ा जन सैलाब, लगे जय श्री राम के नारे

दशहरे के अगले दिन संगम नगरी प्रयागराज में सदियों पुरानी भरत मिलाप की परंपरा पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई. चौक इलाके में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने तथा भरत से उनके भावुक मिलन का भव्य मंचन किया गया.

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भरत मिलाप देख कर भक्तिमय हुआ माहौल भरत मिलाप देख कर भक्तिमय हुआ माहौल

दशहरे के अगले दिन प्रयागराज में सदियों पुरानी भरत मिलाप की परंपरा एक बार फिर आस्था और भाईचारे का संदेश देती नजर आई. चौक इलाके में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या लौटने और भरत से उनके मिलन का भव्य मंचन किया गया. जैसे ही भगवान श्रीराम और भरत एक-दूसरे के गले मिले, वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु भावुक हो उठे. पूरा इलाका जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा और माहौल भक्तिमय हो गया.

सजे-धजे रथ पर पहुंचे भगवान श्रीराम
रावण का वध कर लंका पर विजय पाने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण सजे-धजे रथ पर सवार होकर चौक पहुंचे. उनके स्वागत के लिए पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीराम और भरत का मिलन कराया गया. दोनों भाइयों के गले मिलते ही लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए. इस भावुक दृश्य ने सभी का मन मोह लिया.


14 साल के वनवास से जुड़ी है परंपरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वनवास पर जाते समय भगवान श्रीराम ने भरत से वादा किया था कि 14 वर्ष पूरे होते ही वह अयोध्या लौट आएंगे. वनवास खत्म होने के बाद जब श्रीराम अयोध्या पहुंचे, तो भाइयों का मिलन प्रेम और त्याग की मिसाल बन गया. इसी प्रसंग की याद में प्रयागराज में हर साल भरत मिलाप का आयोजन किया जाता है. इस परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.

धार्मिक झांकियों ने बांधा समां
भरत मिलाप के दौरान धार्मिक झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा. हनुमान जी के जोशीले नृत्य, मां काली के स्वांग और उनके हाथों से निकलती आग की रोमांचक प्रस्तुति ने दर्शकों को आकर्षित किया. वहीं, राधा-कृष्ण की मनमोहक लीलाओं ने माहौल को और भी खास बना दिया. प्रयागराज का भरत मिलाप सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भाईचारे, प्रेम, त्याग और मर्यादा का संदेश देने वाली परंपरा है. हर साल की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालु इस भावुक पल के साक्षी बने.

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