Rain and Flood
Rain and Flood
देश के कई इलाकों में भारी बारिश आ रही है, जिसके कारण आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. शनिवार को उत्तराखंड के देहरादून में रायपुर-कुमालदा क्षेत्र में बादल फटने से तबाही आ गई है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी भूस्खलन से कई लोगों की मौत हो गई है. इस तबाही में शनिवार तक करीब 31 लोगों के मारे जाने की खबर है. इनमें से 22 अकेले हिमाचल प्रदेश में शनिवार को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन में मारे गए हैं.
चलिए जानते हैं भारत के किन-किन क्षेत्रों में बारिश से तबाही आई है-
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश में स्थिति गंभीर है क्योंकि भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में 22 लोगों की मौत हो गई है. मौसम संबंधी अलग-अलग घटनाओं में 10 अन्य घायल हो गए हैं. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में चक्की पुल शनिवार को भारी बारिश के कारण गिर गया, जिससे पठानकोट और जोगिंदरनगर के बीच ट्रेन सेवा बाधित हो गई.
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और पुलिस द्वारा काशान गांव में चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद एक परिवार के आठ सदस्यों के शव उनके घर के मलबे से निकाले गए हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मौतों पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन प्रभावित जिलों में युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहा है.
इस बीच, हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग ने 25 अगस्त तक राज्य में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. अगले 3-4 दिनों में कांगड़ा, चंबा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है.
उत्तराखंड
वहीं पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में, बादल फटने से जहां चार लोगों की मौत हो गई, वहीं 10 अन्य लापता हो गए हैं. साथ ही पुल बह जाने से कई गांवों से लोगों को निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा है.
इसके साथ, लगातार हो रही भारी बारिश से देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास बहने वाली तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. गंगा के खतरे के मार्क से ऊपर आने के बाद हरिद्वार के निचले इलाकों को भी अलर्ट पर रखा गया है. टोंस नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर टपकेश्वर की गुफाओं में भी पानी घुस गया है.
उड़ीसा
उड़ीसा के साथ पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई है. पहले से ही महानदी नदी बाढ़ की चपेट में है. उस इलाके में करीब 500 गांव हैं, जिनमें लगभग चार लाख लोग रहते हैं. बारिश की वजह से चार मौत रिपोर्ट की गई है. सुवर्णरेखा, बुधबलंग, बैतरणी और सालंदी में जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. मौसम बुलेटिन में कहा गया है कि अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश जारी रहेगी.
झारखंड
झारखंड में तेज हवाओं वाली भारी बारिश से कई जिलों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं. वहीं निचले इलाकों में पानी भर गया है. मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि रविवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश और सोमवार को पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना है.
बता दें, राज्य में एक जून से 19 अगस्त के बीच अब तक 436.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि के दौरान सामान्य रूप से 700.5 मिमी बारिश हुई है.