3 छात्राओं का हेलिकॉप्टर में घूमने का पूरा हुआ सपना
3 छात्राओं का हेलिकॉप्टर में घूमने का पूरा हुआ सपना
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के केराप गांव स्थित महात्मा गांधी राजकीय स्कूल में एक प्रेरणादायक घटना सामने आई है. यहां के प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने वाली तीन छात्राओं का एक अनोखा सपना पूरा कर दिया. आठवीं कक्षा की छात्राएं, खुशी मेघवाल, रंजना नायक और ज्योति ने स्कूल में आयोजित एक विशेष टेस्ट में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया था. उनके शानदार प्रदर्शन के बाद प्रिंसिपल ने उन्हें इनाम देने का फैसला किया.
इनाम में मांगी हेलिकॉप्टर में उड़ान
टेस्ट के बाद प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने तीनों छात्राओं से पूछा कि वह इनाम में क्या चाहती हैं. ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन बच्चियों ने अपने सपने की तरह कहा कि वह हेलिकॉप्टर में बैठकर उड़ान भरना चाहती हैं.
आमतौर पर ऐसी बात को मजाक या कल्पना समझकर नजरअंदाज किया जा सकता था, लेकिन प्रिंसिपल ने इसे गंभीरता से लिया. उन्होंने छात्राओं से वादा किया कि अगर वह परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करेंगी तो उनका यह सपना जरूर पूरा किया जाएगा.
मेहनत से हासिल किया शानदार परिणाम
प्रिंसिपल के इस वादे ने छात्राओं को और ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया. तीनों बच्चियों ने पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई की और परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया.
अपने वादे को निभाते हुए प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने करीब एक लाख रुपये अपने निजी खर्च से हेलिकॉप्टर राइड की व्यवस्था करवाई.
जयपुर के पास चौमू में हुआ कार्यक्रम
पहले नागौर में हेलिकॉप्टर उड़ान के लिए अनुमति नहीं मिल पाई थी, जिसके बाद जयपुर के पास चौमू में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. शुक्रवार को चौमू हेलीपैड से तीनों छात्राएं हेलिकॉप्टर में सवार हुईं. करीब 30 मिनट की इस खास उड़ान के दौरान उन्होंने आसमान से जयपुर और आसपास के इलाकों को देखा.
छात्राओं के लिए यादगार पल
हेलिकॉप्टर की खिड़की से नीचे का नजारा देखते हुए छात्राओं के चेहरे पर खुशी, उत्साह और हैरानी साफ दिखाई दे रही थी. पहली बार आसमान में उड़ान भरने का यह अनुभव उनके लिए बेहद खास और यादगार बन गया.
मीडिया से बातचीत में छात्राओं ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे उनका सपना सच हो गया हो. उन्होंने कहा कि उनके सर ने उनका इतना बड़ा सपना पूरा कर दिया.
पढ़ाई के लिए प्रेरित करना था मकसद
प्रिंसिपल राजेंद्र ढाका ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ इनाम देना नहीं था. उनका मकसद ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ाना और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करना था. उन्होंने कहा कि अगर बच्चे मेहनत करते हैं और अपने सपनों पर विश्वास रखते हैं, तो उन्हें पूरा करने का रास्ता जरूर मिल जाता है.
लोगों ने की पहल की सराहना
इस अनोखी पहल की पूरे इलाके में काफी सराहना हो रही है. लोगों का कहना है कि ऐसे शिक्षक ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां संसाधन सीमित होते हैं, वहां शिक्षकों का इस तरह का व्यक्तिगत प्रयास बच्चों के भविष्य को नई दिशा दे सकता है. यह कहानी सिर्फ तीन छात्राओं की नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और प्रोत्साहन से सपनों को सच करने की प्रेरणा भी देती है.
(रिपोर्ट- केशाराम)
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