abhay singh rakesh pratap singh and vinod chaturvedi
abhay singh rakesh pratap singh and vinod chaturvedi
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक राकेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी के भाजपा में शामिल होने की चर्चा है. इनमें सबसे ज्यादा नजरें अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह पर टिकी हैं. वह लगातार तीन बार सपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं और भाजपा को चुनौती देते रहे हैं. अब उनके पाला बदलने से अमेठी की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है.
अखिलेश यादव के करीबी नेताओं में होती थी गिनती
राकेश प्रताप सिंह को कभी सपा प्रमुख अखिलेश यादव का करीबी माना जाता था. ठाकुर नेता के तौर पर पहचान बनाने वाले राकेश प्रताप सिंह पार्टी की युवा राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं. वह लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन और सड़क पर उतरकर अपनी बात रखने के लिए चर्चा में रहे. योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने लखनऊ में लंबा धरना दिया था.
राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग
राकेश प्रताप सिंह का सपा से मतभेद राज्यसभा चुनाव के दौरान भी सामने आया था. करीब दो साल पहले हुए राज्यसभा चुनाव में सपा के कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग की थी. इनमें राकेश प्रताप सिंह भी शामिल थे. उन्होंने अखिलेश यादव पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाया था. साथ ही दावा किया था कि उन्हें राम मंदिर जाने से रोका गया. इन्हीं मुद्दों को उन्होंने भाजपा में जाने के फैसले की वजह बताया है.
अब भाजपा के वोट बैंक के सहारे होगी राजनीति
गौरीगंज सीट पर राकेश प्रताप सिंह की लगातार जीत में सपा के पारंपरिक वोट बैंक की अहम भूमिका रही है. मुस्लिम और यादव मतदाताओं का समर्थन भी उनकी राजनीतिक ताकत माना जाता रहा है. भाजपा में शामिल होने के बाद उनके सामने अपने पुराने समर्थकों को साथ बनाए रखने और भाजपा के वोट बैंक के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की चुनौती होगी.
गौरीगंज में शक्ति प्रदर्शन पर नजर
आज गौरीगंज में राकेश प्रताप सिंह के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी है. दावा है कि जिले के गांवों, ब्लॉक और अलग-अलग इलाकों से उनके समर्थक जुटेंगे. इस कार्यक्रम में स्मृति ईरानी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में तीनों विधायकों के पार्टी में शामिल होने की बात कही जा रही है. वहीं, सपा के सामने गौरीगंज सीट पर राकेश प्रताप सिंह के विकल्प को लेकर सवाल उठ सकते हैं. भाजपा से जुड़े ब्राह्मण नेता चंद्रप्रकाश मिश्र मटियारी के सपा में जाने की भी चर्चा है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं है. ऐसे में आने वाले दिनों में अमेठी की राजनीति में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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