रामलीला मैदान का किराया कितना है
रामलीला मैदान का किराया कितना है
दिल्ली का रामलीला मैदान एक बार फिर चर्चा में है. 1 नवंबर 2026 को यहां विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की ओर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली का आयोजन किया जा रहा है. इस रैली में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रामलीला मैदान में इतनी बड़ी रैली या प्रदर्शन करने के लिए इसकी बुकिंग करानी पड़ती है? इसके लिए कुछ चार्ज भी देना होता है. ऐसे में बताते हैं कि रामलीला मैदान को बुक करने में कितना खर्च आता है और इसके लिए क्या नियम हैं.
रामलीला मैदान में प्रदर्शन के लिए क्या हैं नियम?
दिल्ली में प्रदर्शन करने की जगहों को लेकर हाल ही में बदलाव किया गया है. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को तय प्रदर्शन स्थलों की लिस्ट से हटा दिया है. इसके बाद प्रदर्शन के लिए तीन जगह तय की गई हैं. इनमें रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं.
रामलीला मैदान में छोटे और बड़े प्रदर्शन के लिए अलग-अलग जगह हैं. यहां एक छोटी जगह ऐसी है, जहां प्रदर्शन या सभा करने के लिए कोई किराया नहीं देना पड़ता. वहीं, बड़े कार्यक्रम और रैली के लिए मैदान का बड़ा हिस्सा बुक कराना होता है.
मुफ्त में कितने लोग कर सकते हैं प्रदर्शन?
दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारियों के अनुसार, रामलीला मैदान में एक छोटा हिस्सा ऐसा है, जहां बिना किराया दिए सभा या प्रदर्शन किया जा सकता है. हालांकि, इस जगह पर एक साथ करीब 150 लोग ही जुट सकते हैं. यानी अगर किसी संगठन को छोटी बैठक या सीमित संख्या में लोगों के साथ प्रदर्शन करना है, तो वह इस जगह का इस्तेमाल कर सकता है.
50 हजार लोगों की रैली के लिए कितना है किराया?
अगर किसी संगठन को 5 हजार, 10 हजार या करीब 50 हजार लोगों की बड़ी रैली करनी है, तो इसके लिए मैदान का बड़ा हिस्सा बुक कराना होगा. करीब 12 एकड़ में फैले रामलीला मैदान में लगभग 50 हजार लोगों के जुटने की क्षमता है.
अधिकारियों के मुताबिक, बड़े मैदान का एक दिन का किराया 50 हजार रुपये है. इसके अलावा सिक्योरिटी अमाउंट भी जमा करना होता है. यह राशि तय नियमों और शर्तों के अनुसार वापस मिल सकती है. टैक्स और अन्य चार्ज जुड़ने के बाद शुरुआती पेमेंट करीब 1.21 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.
रामलीला मैदान की बुकिंग कैसे होती है?
रामलीला मैदान की बुकिंग दिल्ली नगर निगम (MCD) के हॉर्टिकल्चर विभाग के जरिए होती है. इसके लिए आयोजकों को आवेदन देना पड़ता है. हालांकि, केवल आवेदन करने से अनुमति नहीं मिलती. प्रदर्शन या रैली के लिए दिल्ली पुलिस से NOC लेना भी जरूरी है. पुलिस की मंजूरी मिलने के बाद ही नगर निगम बुकिंग को अंतिम अनुमति देता है.