scorecardresearch

Resident Doctors Strike: दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टरों ने की हड़ताल खत्म, जानिए इस पूरी हड़ताल की 4 मुख्य बातें

फोरडा ने आंदोलन के 15वें दिन हड़ताल वापस ले ली है. इसके साथ उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टरों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे से अपने-अपने सरकारी अस्पतालों में अपनी चिकित्सा सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए कहा है. हालांकि, ये धरना सशर्त वापिस लिया गया है. अगर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद भी नीट पीजी काउंसलिंग की तारीखों की घोषणा नहीं की जाती है तो डॉक्टरों का कहना है कि वे 6 जनवरी को मिलेंगे और फिर आगे क्या करना है इसपर बात करेंगे.

Advertisement
FORDA strike FORDA strike
हाइलाइट्स
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने की थी IMA के साथ बैठक

  • डॉक्टरों का कहना है कि वे 6 जनवरी को मिलेंगे और फिर आगे क्या करना है इसपर बात करेंगे

रेजिडेंट डॉक्टरों ने 31 दिसंबर को अपनी हड़ताल खत्म कर दी है. दिल्ली और देश के बाकी हिस्सों के सरकारी अस्पतालों में काम डॉक्टर काम पर लौट गए हैं. फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में आंदोलन की 15 तारीख को सशर्त खत्म करने की घोषणा की है. FORDA के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी दो मांगों को पूरा कर लिया गया है और अब वे 6 दिसंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई इंतजार कर रहे हैं. 

लेकिन डॉक्टरों की हड़ताल खत्म करने के पीछे कई कारण हैं, चलिए विस्तार से समझते हैं इस पूरी हड़ताल के बारे में कि ये कब शुरू हुई, क्यों हुई, कितने दिन तक चली और अब किन शर्तों पर इसे खत्म किया गया है…. 

1. नीट पीजी 2021 काउंसलिंग में तेजी लाई जाए  

FORDA शुरुआत से ही नीट पीजी 2021 (NEET PG) काउंसलिंग और एडमिशन प्रोसेस में तेजी लाने की मांग कर रहा था.आमतौर पर नया फर्स्ट ईयर बैच अप्रैल-मई तक पीजी कोर्स में शामिल हो जाता है. हालांकि, कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण, परीक्षा और परिणाम में देरी हुई. इस बीच, नीट की पीजी प्रवेश में ईडब्ल्यूएस (EWS) कोटे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया में और देरी की गई. काउंसलिंग प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों ने दो चरणों में धरना दिया. 

हड़ताल का पहला फेज 27 नवंबर से 6 दिसंबर के था, जबकि दूसरा फेज 17 दिसंबर को शुरू हुआ और 31 दिसंबर को खत्म. दूसरे फेज में रेजिडेंट डॉक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी सर्विस से भी अपना नाम वापस ले लिया था.

इस हफ्ते, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने फोरडा (FORDA) और आरडीए (RDA) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि केंद्र सुप्रीम कोर्ट से 6 जनवरी की सुनवाई में NEET PG 2021 काउंसलिंग शुरू करने की अनुमति मांगेगा. 

फोरडा के अध्यक्ष डॉ मनीष कामास ने इंडिया टुडे को बताया, "केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हमें आश्वासन दिया था कि सुनवाई के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी और उन्होंने काउंसलिंग शेड्यूल पहले ही तैयार कर लिया है."

2. दिल्ली पुलिस और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच झड़प

27 तारीख को जब रेजिडेंट डॉक्टर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें दिल्ली पुलिस ने रोक दिया. बाद में तनाव बढ़ा तो रेजिडेंट डॉक्टरों और पुलिस कर्मियों के बीच मारपीट हो गई.

फोरडा ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के जवानों ने महिला डॉक्टरों सहित प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ मारपीट की. उन्होंने उस घटना को "काला दिन" कहा और इस घटना के लिए दिल्ली पुलिस पर आक्रामक हमला किया. हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने दिल्ली पुलिस द्वारा विरोध कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ कथित बदसलूकी पर खेद जताया था.

इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कई डॉक्टर्स के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की थी. इसके बदले में रेजिडेंट डॉक्टरों ने दिल्ली पुलिस से लिखित माफी और विरोध कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने के लिए कहा. 

गुरुवार शाम फोरडा और आरडीए के प्रतिनिधियों ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी. जिसके बाद शुक्रवार को सफदरजंग अस्पताल में फोरडा अध्यक्ष ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.

फोर्डा के अध्यक्ष कहते हैं, “हमारी केवल दो मांगें थीं, नीट पीजी काउंसलिंग में तेजी लाना और दिल्ली पुलिस द्वारा हमारे रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के लिए माफी मांगना. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद, काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी. कल शाम, हमने दिल्ली पुलिस के जॉइंट सीपी के साथ बैठक की है. दिल्ली पुलिस ने आश्वासन दिया कि रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.” 

3. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ IMA की बैठक

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नीट पीजी काउंसलिंग में तेजी लाने के लिए रेजिडेंट डॉक्टरों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया था. आईएमए अध्यक्ष शाजानंद सिंह के नेतृत्व में आईएमए प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया से मुलाकात कर परामर्श प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया था. बाद में गुरुवार को, आईएमए प्रतिनिधिमंडल ने फोर्डा के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनसे राष्ट्रीय हड़ताल समाप्त करने और अपनी मेडिकल सर्विस को फिर से शुरू करने की अपील की.

4. हड़ताल की सशर्त वापसी

फोरडा ने आंदोलन के 15वें दिन हड़ताल वापस ले ली है. इसके साथ उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टरों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे से अपने-अपने सरकारी अस्पतालों में अपनी चिकित्सा सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए कहा है. हालांकि, ये धरना सशर्त वापिस लिया गया है. अगर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद भी नीट पीजी काउंसलिंग की तारीखों की घोषणा नहीं की जाती है तो डॉक्टरों का कहना है कि वे 6 जनवरी को मिलेंगे और फिर आगे क्या करना है इसपर बात करेंगे. 

डॉ मनीष कामास ने इंडिया टुडे को बताया, "अगर 6 जनवरी को काउंसलिंग की तारीखों की घोषणा नहीं की जाती है, तो फोरडा फिर से 6 तारीख को इकट्ठा होगा और आगे क्या करना है इसपर फैसला करेगा. "

(अमित भारद्वाज की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें