Lalu Prasad Yadav and Rohini Acharya (File Photo)
Lalu Prasad Yadav and Rohini Acharya (File Photo)
लालू परिवार में इस समय कुछ ठीक नहीं चल रहा है. परिवार में राजनीतिक महत्वाकांक्षा चरम पर है. लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव आरजेडी से अलग होकर अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल बना लिए हैं. इस विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप खूद चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक रहे हैं.
इन दिनों रोहिणी आचार्य के विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. सोनपुर विधानसभा क्षेत्र में इस मुद्दे पर स्थानीय जनता से बातचीत की गई, जिसमें लोगों ने अपनी राय दी. रोहिणी आचार्य, जो लालू यादव की बेटी और आरजेडी की प्रमुख नेता हैं ने हाल ही में सोनपुर का दौरा किया था. इस दौरे के बाद उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई. हालांकि, रोहिणी ने खुद इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी विधानसभा चुनाव लड़ने की कोई इच्छा नहीं है.
सोनपुर की जनता की राय
सोनपुर के स्थानीय लोगों ने रोहिणी आचार्य के चुनाव लड़ने पर अलग-अलग विचार व्यक्त किए. एक स्थानीय निवासी जीतेंद्र सिंह ने कहा, रोहिणी जी को विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए. वह लोकसभा के लिए बेहतर उम्मीदवार हैं. पिछली बार वह मात्र 89000 वोटों से हार गई थीं, लेकिन अगली बार निश्चित रूप से जीतेंगी. स्थानीय निवासी सत्येंद्र कुमार ने कहा, रोहिणी जी ने खुद स्पष्ट किया है कि वह सोनपुर से चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि प्रोफेसर डॉक्टर मनोज प्रसाद यहां से विधायक का चुनाव लड़ेंगे.
राजनीतिक समीकरण और जनता की अपेक्षाएं
कुछ लोगों का मानना है कि रोहिणी आचार्य को विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए क्योंकि यह सीट लालू यादव के परिवार की परंपरागत सीट रही है. सुधीर कुमार राय ने कहा कि यदि रोहिणी जी की इच्छा है तो उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए. क्षेत्र की जनता उनका स्वागत करेगी. प्रमोद कुमार ने कहा कि एमपी और विधायक के बीच बड़ा फर्क है. रोहिणी जी को दिल्ली में रहकर क्षेत्र के लिए काम करना चाहिए.
क्या बोलीं रोहिणी आचार्य
रोहिणी आचार्य ने सोनपुर दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि उनकी विधानसभा चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि मैं एमपी हूं और एमपी के चुनाव में ही लड़ूंगी. सोनपुर से प्रोफेसर डॉक्टर मनोज प्रसाद विधायक का चुनाव लड़ेंगे.
राजनीतिक विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि रोहिणी आचार्य का चुनाव लड़ने का निर्णय आरजेडी और इंडिया गठबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा. एक स्थानीय नेता ने कहा कि रोहिणी जी बड़ी नेता हैं और टिकट देने का निर्णय पार्टी करती है. यदि उनका मन है तो वह चुनाव लड़ सकती हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में आरजेडी और इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर क्या निर्णय लेते हैं.
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