SBI ATM Cash Withdrawal
SBI ATM Cash Withdrawal
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने ATM और ऑटोमेटेड डिपॉजिट-कम-विदड्रॉल मशीन (ADWM) की फीस में बढ़ोतरी कर दी है. यह बदलाव 1 दिसंबर 2025 से लागू हो गया है. फरवरी 2025 के बाद यह पहली बार है जब बैंक ने ATM चार्ज में इजाफा किया है.
ATM से पैसे निकालने पर अब कितना लगेगा चार्ज?
अब SBI ग्राहक अगर फ्री लिमिट से ज्यादा बार दूसरे बैंक के ATM से कैश निकालते हैं, तो उन्हें 23 रुपए प्लस GST चुकाने होंगे. पहले यह चार्ज 21 रुपए प्लस GST था. यानी हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर अब ग्राहक को ज्यादा पैसा देना होगा.
सिर्फ कैश विदड्रॉल ही नहीं, बल्कि नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन जैसे बैलेंस चेक करना या मिनी स्टेटमेंट निकालना भी महंगा हो गया है. इसके लिए अब 11 रुपए प्लस GST देना होगा, जो पहले 10 रुपए प्लस GST था.
फ्री ATM ट्रांजैक्शन में कोई बदलाव नहीं
SBI ने साफ किया है कि रेगुलर सेविंग अकाउंट धारकों के लिए फ्री ATM ट्रांजैक्शन की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
ग्राहक पहले की तरह दूसरे बैंकों के ATM से 5 फ्री ट्रांजैक्शन प्रति माह कर सकते हैं
इसमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल हैं
फ्री लिमिट खत्म होने के बाद ही नए चार्ज लागू होंगे.
सैलरी अकाउंट वालों को बड़ा झटका
अब तक SBI के सैलरी पैकेज सेविंग अकाउंट धारकों को दूसरे बैंकों के ATM पर अनलिमिटेड फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती थी. लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है. सैलरी अकाउंट धारकों को अब 10 फ्री ट्रांजैक्शन प्रति माह मिलेंगे. इसके बाद हर कैश विदड्रॉल पर 23 रुपए + GST लगेगा और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर 11 रुपए + GST देना होगा.
किन खातों पर नहीं पड़ेगा असर?
SBI ने बताया कि कुछ ग्राहक इस बढ़ोतरी से पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे जैसे,
बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट
SBI ATM से ट्रांजैक्शन करने वाले SBI डेबिट कार्ड होल्डर
SBI ATM से कार्डलेस कैश विदड्रॉल (यह सुविधा पहले की तरह फ्री रहेगी)
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अकाउंट
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
जो ग्राहक अक्सर दूसरे बैंकों के ATM का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए अब हर एक्स्ट्रा ट्रांजैक्शन महंगा पड़ेगा. खासकर सैलरी अकाउंट धारकों और शहरों में रहने वाले लोगों को, जो सुविधा के हिसाब से नजदीकी ATM चुनते हैं, उन्हें अब ज्यादा सतर्क रहना होगा.