Western Disturbance to Bring Heavy Rain
Western Disturbance to Bring Heavy Rain
सितंबर की शुरुआत के साथ उत्तर भारत के मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं. अगले कुछ दिनों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) मानसून को फिर सक्रिय कर सकता है. 4 से 7 सितंबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ, मानसून की ट्रफ और कम दबाव वाले क्षेत्र का असर एक साथ देखने को मिल सकता है. इससे उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है.
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है. इन राज्यों में इस सप्ताह के बाकी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. 4 से 6 सितंबर के बीच मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है.
3-4 सितंबर से यूपी-दिल्ली में बारिश की शुरुआत
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मानसून फिर जोर पकड़ सकता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, पूर्वी हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी पंजाब के कुछ हिस्सों में 3 और 4 सितंबर से हल्की से मध्यम बारिश शुरू होने की संभावना है. शुरुआत में बारिश हर जगह नहीं होगी और कुछ इलाकों तक ही सीमित रह सकती है. इस दौरान मानसून की ट्रफ और पूर्वी हवाओं का असर रहेगा. लेकिन इसके बाद मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है.
4-5 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का दौर
जब पश्चिमी विक्षोभ कम ऊंचाई वाले मानसून सिस्टम के साथ सक्रिय होगा, तब बारिश का दायरा और उसकी तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR में कई जगहों पर तेज बारिश हो सकती है. राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भी इस दौरान अच्छी बारिश के आसार हैं. यानी 4 और 5 सितंबर उत्तर भारत के लिए बारिश के लिहाज से अहम दिन रहेंगे.
पंजाब-हरियाणा के लिए बारिश राहत लेकर आएगी
इस बारिश का सबसे बड़ा फायदा पंजाब और हरियाणा को मिल सकता है. दोनों राज्यों में इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश हुई है. पंजाब में बारिश करीब 33% कम, जबकि हरियाणा में करीब 22% कम है. ऐसे में 4-5 सितंबर की व्यापक बारिश से दोनों राज्यों में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है. किसानों और खेती के लिए भी यह बारिश राहत देने वाली हो सकती है.
देशभर में मानसून की स्थिति अभी भी कमजोर
पूरे देश की बात करें तो मानसून की स्थिति अभी सामान्य नहीं है. 1 सितंबर तक देशभर में बारिश सामान्य से करीब 13.6% कम रही है. बारिश का वितरण भी एक जैसा नहीं रहा है. दक्षिण भारत के पूरे प्रायद्वीप में बारिश की कमी बनी हुई है. वहीं उत्तर-पश्चिम में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान भी कम बारिश से जूझ रहे हैं. बिहार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और मणिपुर समेत पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बारिश सामान्य से कम रही है.
अब उत्तर भारत पर मौसम विभाग की नजर
अगले कुछ दिनों में दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में इतनी व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं कि वहां बारिश की बड़ी कमी पूरी हो सके. फिलहाल मौसम का फोकस उत्तर भारत पर रहेगा. 3 सितंबर से छिटपुट बारिश और फिर 4-5 सितंबर को तेज और व्यापक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. सितंबर में आगे बढ़ते हुए पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला अहम सिस्टम बन सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ सकता है.
ये भी पढ़ें