सुनेत्रा पवार और शरद पवार
सुनेत्रा पवार और शरद पवार
बारामती के गोविंद बाग में आज एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उनसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक साथ आने को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर शरद पवार ने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे समेत अन्य नेताओं के साथ चर्चा चल रही थी और पार्टी एकजुट होने के काफी करीब पहुंच गई थी, लेकिन बीच में ही एक बड़ा आघात हुआ, जिससे इस प्रक्रिया में रुकावट आ गई.
अजित पवार के जाने से लगा गहरा झटका
शरद पवार ने कहा कि अजित पवार के जाने से उन्हें गहरा सदमा पहुंचा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस नुकसान की भरपाई के लिए जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस घटनाक्रम से पार्टी को बड़ा झटका लगा है.
शपथविधि और सुनेत्रा पवार पर क्या बोले शरद पवार
जब उनसे पूछा गया कि क्या सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी और पवार परिवार से कौन-कौन इसमें शामिल होगा, तो शरद पवार ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्हें जितना अखबारों में पढ़ने को मिला है, उतना ही पता है, इसके अलावा कोई जानकारी उनके पास नहीं है. शपथविधि में शामिल होने के सवाल पर शरद पवार ने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि शपथविधि है या नहीं.
नरेश अरोड़ा को लेकर स्पष्ट जवाब
नरेश अरोड़ा को लेकर पूछे गए सवाल पर शरद पवार ने साफ कहा कि वह उस व्यक्ति को नहीं जानते. उन्होंने दोहराया कि जिसका नाम लिया जा रहा है, उसे वह व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते.
नीरा नदी निरीक्षण पर दी सफाई
नीरा नदी के निरीक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर शरद पवार ने कहा कि स्थानीय लोग उन्हें लगातार बुला रहे थे. उन्होंने कहा कि दूषित पानी की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए वह वहां निरीक्षण के लिए गए थे.
पार्टी के अंदरूनी फैसलों के संकेत
सुनेत्रा पवार की शपथ को लेकर पूछे गए सवाल पर शरद पवार ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने शायद अंदरूनी स्तर पर कुछ फैसले लिए होंगे, क्योंकि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं के नाम सामने आए हैं. इसका मतलब है कि पार्टी के भीतर कुछ न कुछ तय हुआ होगा.
राष्ट्रवादी एकता पर क्या बोले शरद पवार
शरद पवार ने बताया कि पिछले चार महीनों से दोनों राष्ट्रवादी दलों के एक साथ आने को लेकर चर्चा चल रही थी. इस चर्चा का नेतृत्व अजित पवार और जयंत पाटील कर रहे थे. उनके बीच बातचीत भी हुई थी, लेकिन इस घटनाक्रम के बाद इस प्रक्रिया में खंड पड़ गया है.
(रिपोर्ट- वसंत मोरे)
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