चांद पर बनेगा होटल
चांद पर बनेगा होटल
आज तक किसी दीवाने के मुंह से आपने सुना होगा कि चांद पर घर बनाऊंगा. घर तो नहीं लेकिन कैलिफोर्निया की एक स्टार्ट-अप कंपनी ने चांद पर होटल खोलने की पहल जरूर की है. यह मिशन रोमांच पसंद करने वालों के लिए एक सपने जैसा है. चांद पर छुट्टियां बिताना और एक अलग दुनिया को देखना, एडवेंचर के लिहाज से एक अनोखा अनुभव साबित हो सकता है. वहीं कैलिफोर्निया की इस स्टार्ट-अप कंपनी ने चांद पर होटल खोलने की योजना के साथ बुकिंग वेबसाइट भी लॉन्च कर दी है. कंपनी का दावा है कि यह धरती के बाहर बनने वाला पहला स्थायी ढांचा होगा.
10 लाख डॉलर की भारी डिपॉजिट
इस खास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए इच्छुक लोगों को 10 लाख डॉलर यानी करीब 9 करोड़ भारतीय रुपये की डिपॉजिट राशि जमा करनी होगी. यह मौका उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो सबसे पहले चांद पर ठहरने का अनुभव लेना चाहते हैं और पहले बुकिंग करेंगे.
GRU कंपनी का बड़ा ऐलान
इस प्रोजेक्ट को गैलेक्टिक रिसोर्स यूटिलाइजेशन स्पेस (Galactic Resource Utilization Space) नाम की कंपनी आगे बढ़ा रही है. इस कंपनी की स्थापना बर्कले यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट स्कॉलर चान ने की है. कंपनी ने 12 जनवरी को अपनी वेबसाइट लॉन्च करते हुए होटल के डिजाइन और तकनीक की जानकारी, वेबसाइट के जरिए दी है.
चांद की मिट्टी से बनेगा होटल
गैलेक्टिक रिसोर्स यूटिलाइजेशन स्पेस के स्कॉलर का दावा है कि चांद पर होटल के निर्माण में खास तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. वहीं कंपनी चांद की मिट्टी को मजबूत ढांचे में बदलने के लिए अपने ऑटोमेटेड मशीन का इस्तेमाल करेगी. जिससे चांद पर टिकाऊ ढांचा तैयार हो सकेगा और लागत भी कम आएगी.
2029 में शुरू होगा निर्माण कार्य
कंपनी के अनुसार, रेगुलेटरी बॉडी की मंजूरी मिलने के बाद साल 2029 में होटल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा. कंपनी का लक्ष्य है कि साल 2032 तक टूरिस्टों के लिए इसे खोल दिया जाएगा. जिसके लिए कंपनी ने अभी से बुकिंग की शुरूआत कर दी है.
कौन बनेंगे पहले मेहमान
शुरुआती ग्राहकों में वह लोग शामिल होंगे, जो पहले कमर्शियल स्पेस फ्लाइट का अनुभव ले चुके हैं. इसके अलावा अमीर और एडवेंचर पसंद करने वाले नए शादीशुदा कपल्स को चांद पर हनीमून मनाने का ऑप्शन दिया जाएगा.
कंपनी का मानना है कि स्पेस टूरिज्ंम चांद की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. Galactic Resource Utilization Space के मुताबिक, पर्यटन ही एक मात्र रास्ता है जो इंसान को इंटरप्लैनेटरी बनाता है.
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