Thalapathy Vijay and Rahul Gandhi
Thalapathy Vijay and Rahul Gandhi
अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया है. विजय की पार्टी टीवीके ने 234 विधानसभा सीटों में से 108 सीटों पर जीत दर्ज की है. हालांकि इस जीत के बावजूद TVK बहुमत के जादुई आंकड़ों से 10 कम है. तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों की जरूरत होती है.
आपको मालूम हो कि थलपति विजय दो सीटों पर विजयी हुए हैं. शपथ ग्रहण से पहले उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. इस तरह से टीवीके के पास कुल सीटें 107 रह जाएंगी. ऐसे में टीवीके ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से समर्थन मांगा है. कांग्रेस को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि केंद्र और कई राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद विजय बीजेपी के साथ क्यों नहीं जुड़े जबकि 53 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली एनडीए गठबंधन की पार्टियां भी विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने के लिए तैयार थीं. आइए जानते हैं आखिर कैसे बनी राहुल गांधी और थलपति विजय की जोड़ी.
तमिलनाडु विधानसभा का क्या है मौजूदा समीकरण
1. तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों में से 108 सीटों पर टीवीके को जीत मिली है.
2. कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली है.
3. कांग्रेस और उसकी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम को मिलाकर कुल 7 सीटों पर जीत मिली है.
4. सीपीआई और सीपीएम को 2-2 सीटों पर जीत मिली है.
5. डीएमके को 59 सीटों पर जीत मिली है.
6. AIADMK को 47 सीटों पर जीत मिली है.
7. पीएमके ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है.
8. वीसीके को 2 सीटों पर जीत मिली है.
9. बीजेपी को 1 सीट पर जीत मिली है.
10. डीएमडीके और अन्ना मक्कल को 1-1 सीटों पर जीत विजय मिली है.
विजय की शपथग्रहण में फंसा है पेच
थलपति विजय ने गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. हालांकि वह राज्यपाल को अभी तक 118 विधायकों के समर्थन वाला पत्र नहीं दिखा पाए हैं. आपको मालूम हो कि विजय को दो सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद एक सीट कम होगी और एक स्पीकर बनेंगे तो इस तरह से टीवीके के पास अपने 106 विधायक हो जाएंगे. उधर, कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिल गया है. लेफ्ट, IUML और VCK ने समर्थन देने की बात कही है, जिनके पास 6 विधायक हैं. हालांकि इन पार्टियों ने अभी तक औपचारिक रूप से लिखित में समर्थन का वादा नहीं किया है.
यदि टीवीके को कांग्रेस के साथ इन तीनों पार्टियों का समर्थन मिलता है तो उनके पास 117 विधायक हो जाएंगे. टाई होने की स्थिति में स्पीकर वोट कर सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि टीवीके की वीसीके, पीएमके और वामपंथी दलों के साथ बातचीत जारी है. हालांकि बातचीत फाइनल होने में समय लग सकता है. राज्यपाल ने बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों के समर्थन पत्र मांगा है. ऐसे में विजय का गुरुवार को होने वाला प्रस्तावित शपथ ग्रहण टल गया है. सरकार की ओर से थलपति विजय को दी गई प्रोटोकॉल कॉन्वॉय सुरक्षा भी वापस ले ली गई है. हालांकि बेसिक पायलट सुरक्षा जारी रहेगी.
विजय ने बीजेपी की जगह कांग्रेस को क्यों दी प्राथमिकता
1. आपको मालूम हो कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले थलपति विजय ने एक साक्षात्कार में कहा था कि भारतीय जनता पार्टी मेरा वैचारिक विरोधी है और डीएमके व एआईडीएमके राजनीतिक विरोधी है. ऐसे में विजय सरकार बनाने के लिए इन पार्टियों का साथ नहीं ले सकते हैं.
आपको मालूम हो कि चुनाव से पहले विजय ने कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश की थी. हालांकि उस समय कांग्रेस हाईकमान ने विजय के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. लेकिन विजय की पार्टी टीएमसी की शानदार जीत के बाद खुद राहुल गांधी ने विजय को फोन कर बधाई दी थी. यह भी विजय और राहुल की दोस्ती की वजह बनी.
2. थलपति विजय की बीजेपी से दूरी की दूसरी वजह यह है कि वह एआईडीएमके साथ गठबंधन नहीं चाहते हैं. भारतीय जनता पार्टी फिलहाल एआईडीएमके के साथ ही गठबंधन में है. आपको मालूम हो कि भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु में खुद एक सीट पर जीत दर्ज कर सकी है. ऐसे में थलपति वियज का भाजपा को साथ लाने से भी हित नहीं सध रहा है. इस कारण के चलते भी विजय ने भाजपा से सरकार बनाने के लिए समर्थन नहीं मांगा है.
3. आपको मालूम हो कि तमिलनाडु में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस का जनाधार काफी मजबूत है. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस को 16 लाख वोट मिले हैं, उधर, बीजेपी को 14 लाख वोट मिले हैं. कांग्रेस के पास तमिलनाडु में कुल 9 सांसद हैं. ऐसे में विजय को लगता है कि वह कांग्रेस के साथ हांथ मिलाने से आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीतिक लड़ाई में मुख्य धारा में बने रहेंगे.
विजय की नजर अगले लोकसभा चुनाव पर भी है. आपको मालूम हो कि लोकसभा चुनाव 2024 में तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ मिलकर डीएमके गठबंधन ने सभी 39 सीटों पर जीत दर्ज की थी. ऐसे में थलपति विजय भी इसी तरह का प्रदर्शन खुद की पार्टी टीवीके के लिए चाहते हैं.
4. आपको मालूम हो कि कांग्रेस चुनाव से पहले डीएमके से करीब 40 सीटें मांग रही थी. इससे कम पर राहुल गांधी और उनकी टीम डीएमके के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थी लेकिन आखिरी समय में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और पी चिदंबरम ने लचीला रुख अपनाया और विधानसभा की 28 सीट के साथ राज्यसभा की एक सीट पर कांग्रेस राजी हो गई.
कांग्रेस और डीएमके पार्टी एक साथ चुनाव तो लड़ी लेकिन पूरे प्रचार अभियान में राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री स्टालिन के साथ मंच साझा नहीं किया. दोनों शीर्ष नेताओं के बीच की दरार साफ जाहिर हो रही थी. विधानसभा के नतीजों के दिन जैसे ही डीएमके सत्ता से बाहर गई, राहुल गांधी ने फोन पर विजय को बधाई दी और कहा कि कांग्रेस उनके साथ है. आपको मालूम हो थलपति विजय काफी पहले से कांग्रेस के करीब रहे हैं. राहुल गांधी ने साल 2009 में उन्हें मिलने बुलाया था. टीवीके के मुख्यालय में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता रहे के कामराज की मूर्ति लगी है.