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कोटा के युवा अंश जैन का कमाल, 172 देशों में लाइव हुए 30+ गेम, दुनिया भर में बजाया भारत का डंका

अंश जैन का गेम डेवलपमेंट का सफर उनके बचपन के शौक से शुरू हुआ. उन्हें हमेशा से गेम खेलना पसंद था, लेकिन उनकी सोच कुछ अलग थी. वे अक्सर कहते थे कि अगर वे गेम खेल सकते हैं तो उसे बना भी सकते हैं. इसी सोच ने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

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राजस्थान के कोटा शहर के युवा गेम डेवलपर अंश जैन डिजिटल और गेमिंग इंडस्ट्री में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. महज पांच साल की मेहनत और लगन से उन्होंने ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर न केवल कोटा बल्कि पूरा राजस्थान गर्व कर रहा है. अंश द्वारा बनाए गए 30 से अधिक गेम इस समय दुनिया के 172 देशों में लाइव हैं और लाखों यूजर्स इन्हें खेल रहे हैं.

गेम खेलने के शौक से शुरू हुआ सफर
अंश जैन का गेम डेवलपमेंट का सफर उनके बचपन के शौक से शुरू हुआ. उन्हें हमेशा से गेम खेलना पसंद था, लेकिन उनकी सोच कुछ अलग थी. वे अक्सर कहते थे कि अगर वे गेम खेल सकते हैं तो उसे बना भी सकते हैं. इसी सोच ने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. लगातार अभ्यास, नई तकनीकों की जानकारी और रिसर्च के बाद उन्होंने एक साल पहले अपना प्रमुख आईसीआर गेम तैयार किया.

राजस्थान एआई-समिट में मिला बड़ा मंच
अंश के इस गेम को राजस्थान एआई-समिट में प्रदर्शित होने का अवसर मिला. राजस्थान पवेलियन में शोकेस किए गए इस गेम को विशेषज्ञों और दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली. टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी के बेहतरीन मेल के रूप में इसे सराहा गया. यह गेम क्रॉस-प्लेटफॉर्म तकनीक पर आधारित है, जिससे मोबाइल और लैपटॉप उपयोगकर्ता एक साथ जुड़कर गेम खेल सकते हैं.

अक्सर अलग-अलग डिवाइस होने के कारण खिलाड़ी एक-दूसरे से कनेक्ट नहीं हो पाते थे. इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अंश ने ऐसी तकनीक विकसित की, जिससे अलग-अलग प्लेटफॉर्म के खिलाड़ी एक ही समय पर एक साथ गेम का आनंद ले सकते हैं. उनकी यह पहल गेमिंग अनुभव को और आसान और बेहतर बना रही है.

‘हेरिटेज मीट्स रेसिंग’ थीम बनी खास
राजस्थान समिट में प्रस्तुति के बाद अंश के गेम को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली. लॉन्च होते ही यह 172 देशों में लाइव हो गया. फ्रांस सहित कई यूरोपीय देशों में इसे विशेष रूप से पसंद किया जा रहा है. गेम की 'हेरिटेज मीट्स रेसिंग' थीम विदेशी यूजर्स को आकर्षित कर रही है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता का अनोखा मेल देखने को मिलता है.

गेम में दिखती है भारतीय संस्कृति
अंश के गेम्स की खासियत यह है कि उनमें भारतीय शहरों और संस्कृति की झलक दिखाई देती है. गेम के ट्रैक कोटा, दिल्ली, मुंबई, वाराणसी और हरियाणा जैसी जगहों से प्रेरित हैं. इससे बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के साथ-साथ भारतीय विरासत से भी जुड़ने का अवसर मिलता है.

हर उम्र के खिलाड़ियों के लिए डिजाइन
अंश के गेम्स को 5 साल के बच्चों से लेकर 60 साल तक के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. कैंडी गेम, बैलून फाइट और रेसिंग जैसी कैटेगरी में उनके गेम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. सभी गेम्स गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर उपलब्ध हैं. इनका संचालन उनकी कंपनी Ansh Jain Global Network LLP के माध्यम से किया जा रहा है.

परिवार और सरकार का मिला सहयोग
अंश की सफलता के पीछे उनके परिवार का बड़ा योगदान है. उनके पिता जय जैन और माता मीना जैन ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया. बचपन से ही अंश का आत्मविश्वास उन्हें आगे बढ़ाता रहा. उनकी इस उपलब्धि पर राज्य सरकार ने भी उन्हें सम्मानित किया है.

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