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पुलिस ने कुक के बेटे की शादी में भरा 1.11 लाख का मायरा, भावुक कर देगी आपको उदयपुर के प्रताप नगर थाने की यह कहानी

उदयपुर के प्रताप नगर थाने से एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां थाने में पिछले 25 वर्षों से खाना बनाने वाली मीराबाई के बेटे की शादी में जब उनके सगे भाई नहीं पहुंचे, तो पूरे थाने की पुलिस टीम भाई बनकर उनके घर पहुंच गई.

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उदयपुर के प्रताप नगर थाने से एक भावुक और प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसने पुलिस के मानवीय चेहरे को उजागर कर दिया. आमतौर पर पुलिस को कानून-व्यवस्था संभालने और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते देखा जाता है, लेकिन इस बार पुलिसकर्मी एक अलग ही भूमिका में नजर आए. थाने की कुक मीराबाई के बेटे की शादी में पुलिसकर्मी रंगीन थाल में कपड़े और गहने सजाकर मायरा लेकर पहुंचे. खाकी वर्दी में इस तरह का सामाजिक सरोकार देखकर हर कोई हैरान रह गया.

कठिन परिस्थितियों में मीराबाई ने संभाली जिम्मेदारी
मीराबाई के जीवन में कई कठिनाइयां आईं. उनके पति की एक हादसे में मौत हो गई थी, उस समय वह छह महीने की गर्भवती थीं. पति के निधन के बाद उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अपने बेटे की परवरिश के लिए उन्होंने प्रताप नगर थाने में कुक का काम शुरू किया. पिछले 25 वर्षों से वह पुलिसकर्मियों के लिए खाना बनाने और साफ-सफाई का काम कर रही हैं.

भाइयों के न आने से बढ़ी चिंता
मीराबाई के तीन भाई हैं, लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते दो भाई उनसे नाराज रहते हैं. यही वजह रही कि बेटे की शादी में वह लोग शामिल नहीं हुए और मायरा भी नहीं लाए. ऐसे में मीराबाई को इस बात की चिंता सताने लगी कि शादी में मायरे की रस्म कैसे पूरी होगी.

पुलिस टीम ने निभाया परिवार का फर्ज
जब यह बात थाने की एसआई रेणु खोईवाल को पता चली तो उन्होंने मीराबाई को भरोसा दिलाया कि वह चिंता न करें. उन्होंने कहा कि इस शादी में उनके भाई जरूर आएंगे और मायरा भी देंगे. इसके बाद थानाधिकारी पुरण सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में पूरी पुलिस टीम मीराबाई के सुंदरवास स्थित घर पहुंची. पुलिसकर्मियों ने भाइयों की भूमिका निभाते हुए 1.11 लाख रुपये का मायरा भरा.

भावुक हुआ पूरा परिवार
जब मीराबाई ने अपने घर पर पुलिसकर्मियों को इस रूप में देखा तो वह भावुक हो गईं. उनके परिवार ने गाजे-बाजे के साथ थानाधिकारी और सभी जवानों का स्वागत किया. इस दौरान थानाधिकारी पुरण सिंह राजपुरोहित ने मीराबाई को चुनरी ओढ़ाकर सम्मान भी दिया. यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद खास और भावुक करने वाला था.

सोशल मीडिया पर हो रही सराहना
इस अनोखी पहल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. लोग पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील व्यवहार की जमकर सराहना कर रहे हैं. यह घटना दिखाती है कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि समाज के साथ खड़ी रहने वाली एक संवेदनशील ताकत भी है.

(रिपोर्ट- पंकज शर्मा)

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