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Lucknow: यूपी में अब वार्षिक कैलेंडर से होंगी सरकारी भर्तियां, तय होगी समयसीमा, जानें क्या है सरकार का पूरा मास्टरप्लान

उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को अब वार्षिक कैलेंडर के हिसाब से समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी में सरकार है. बैठक में योगी सरकार ने परीक्षा, परिणाम, अभिलेख सत्यापन और नियुक्ति के लिए समयसीमा तय करने का फैसला लिया गया है, ताकि अभ्यर्थी एक समय सीमा के अंदर परिक्षा देकर नौकरी पा सकें. साथ ही भर्तियों की समीक्षा कराई जाएगी और तकनीक के साथ पारदर्शिता व निष्पक्षता पर भी जोर दिया जाएगा.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (File Photo: ITG) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (File Photo: ITG)

दिल्ली के जंतर मंतर प्रोटेस्ट, छत्तीसगढ़ और झारखंड प्रदर्शन के बाद योगी सरकार के अधिकारियों ने देर शाम मीटिंग कर छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं पर बड़ा निर्णय लिया है. उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. अब सरकारी नौकरियों की भर्ती को वार्षिक कैलेंडर के हिसाब से आगे बढ़ाने की तैयारी में सरकार है. इसके तहत परीक्षा से लेकर परिणाम, अभिलेख सत्यापन और नियुक्ति तक की पूरी प्रक्रिया के लिए समयसीमा तय की जाएगी. सरकार का कहना है कि इसका मकसद भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करना और युवाओं को समय पर रोजगार के मौके उपलब्ध कराना है.

वार्षिक कैलेंडर के हिसाब से होगी भर्ती
सरकारी भर्तियों को अब एक तय वार्षिक कैलेंडर के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है. मुख्य सचिव एसपी गोयल ने चयन आयोगों और भर्ती बोर्डों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग चरणों को तय समय के भीतर पूरा करने की कोशिश होगी, ताकि भर्ती शुरू होने के बाद युवाओं को लंबे समय तक परिणाम और नियुक्ति का इंतजार न करना पड़े.

परीक्षा से नियुक्ति तक तय होगी समयसीमा
नई व्यवस्था में सिर्फ परीक्षा कराने पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा. परीक्षा के बाद परिणाम जारी करने, अभिलेखों का सत्यापन करने और फिर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करने के लिए भी समयसीमा तय की जाएगी. सरकार का उद्देश्य यही है कि भर्ती प्रक्रिया का कोई चरण अनावश्यक रूप से लंबा न खिंचे और चयनित अभ्यर्थियों को समय पर नौकरी मिल सके.

जिन भर्ती मामलों में किसी वजह से देरी हो रही है, उनकी नियमित समीक्षा की जाएगी. ऐसे मामलों को जल्द निपटाने के लिए तेजी से कार्रवाई करने पर जोर दिया जाएगा. सरकार की कोशिश है कि भर्ती प्रक्रिया में आने वाली अड़चनों की पहचान समय रहते हो और उनका समाधान भी जल्द किया जाए.

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी जोर
भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के साथ सरकार ने परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर भी विशेष जोर देने का फैसला लिया है. मुख्य सचिव ने साफ किया कि प्रक्रिया में तेजी लाने के चक्कर में परीक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

भर्ती परीक्षाओं में बढ़ेगा तकनीक का इस्तेमाल
परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा. इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और भर्ती प्रक्रिया को बेहतर तरीके से संचालित करना है. बैठक में चयन आयोगों और भर्ती बोर्डों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया गया. एक-दूसरे के अनुभव शेयर करने और काम करने के तरीके को बेहतर बनाने की बात कही गई है. बैठक में UPPSC, UPSSSC, पुलिस भर्ती बोर्ड और शिक्षा सेवा चयन आयोग समेत संबंधित अधिकारियों ने चल रही भर्तियों की प्रगति की जानकारी भी बताई. 

सरकार की इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य समय पर युवाओं को रोजगार और सशक्त बनाना है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए ज्यादा स्पष्ट समयसीमा मिल सके. परीक्षा से नियुक्ति तक की प्रक्रिया तय समय में पूरी हो और भर्ती में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा.

(इनपुट- आशीष श्रीवास्तव)
 

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