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Fake Currency Racket Busted: राइस मिल में चल रहा था नकली नोट छापने का खेल, 1.74 लाख के जाली नोटों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

सोनवा पुलिस और यूपी एसटीएफ ने भिटिया चिचड़ी की एक राइस मिल में छापेमारी कर नकली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने 1.74 लाख रुपये के जाली नोटों और प्रिंटर के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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बाजार में नकली नोट चलाने की तैयारी कर रहे एक अंतर्जनपदीय गिरोह का सोनवा पुलिस और यूपी एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है. संयुक्त टीम ने मल्हीपुर रोड स्थित भिटिया चिचड़ी की गिरिराज राइस मिल में छापेमारी कर तीन आरोपियों को नकली नोट छापते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इनके पास से 100, 200 और 500 रुपये के कुल 804 जाली नोट बरामद हुए हैं. इन नोटों की कुल कीमत 1.74 लाख रुपये बताई जा रही है.

राइस मिल में चल रहा था नकली नोट छापने का काम
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बहराइच निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल, नरेन्द्र कुमार चौरसिया और श्रावस्ती के इकौना निवासी वृजेन्द्र गोस्वामी के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी कैनन कलर प्रिंटर, इंक और विशेष पेपर की मदद से नकली करेंसी तैयार कर रहे थे. छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से प्रिंटर, इंक से भरी चार रिफिल, 156 ए-4 पेपर पर छपे जाली नोटों के प्रिंट और कटिंग करने के उपकरण बरामद किए. इसके अलावा तीन मोबाइल फोन, पहचान पत्र और 5,500 रुपये नकद भी मिले.

मुंबई में सीखी थी नकली नोट छापने की तकनीक
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नकली नोट छापने की तकनीक वृजेन्द्र ने मुंबई में सीखी थी. इसके अलावा उसने यूट्यूब वीडियो के जरिए भी इसकी जानकारी जुटाई थी. गिरोह में वृजेन्द्र नोटों की छपाई करता था, जबकि बाकी दोनों आरोपी नोटों की कटाई, उनकी गड्डियां बनाने और पैकिंग का काम संभालते थे. तीनों ने दीपावली के दौरान बाजार में नकली नोट खपाने की योजना बनाई थी. इसके लिए दुकानदारों से सामान और जेवरात खरीदने के साथ जुआ खेलने वालों के बीच भी नकली नोट चलाने की तैयारी थी.

एक लाख के बदले तीन लाख के नकली नोट देने की थी तैयारी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक लाख रुपये के असली नोट के बदले तीन लाख रुपये के नकली नोट देने के लिए ग्राहक भी तलाश रहे थे. इस अवैध कारोबार से मिलने वाले मुनाफे को तीनों आरोपियों के बीच बराबर बांटा जाना था.

पुलिस ने बताया कि 5 नवंबर को एसटीएफ लखनऊ और सोनवा पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर छापेमारी की. गिरफ्तारी और बरामदगी की पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई. तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना सोनवा में मुकदमा दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है. पुलिस के अनुसार, गिरिजा शंकर और नरेन्द्र का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं मिला है. वहीं, वृजेन्द्र के खिलाफ इकौना थाने में वर्ष 2020 का एक मुकदमा दर्ज है.
 

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