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Flight Lieutenant Akshita Dhankar: अक्षिता धनखड़ नज़र आएंगी राष्ट्रपति के साथ ध्वजारोहन के दौरान, छोटे से गांव से रखती हैं ताल्लुक.. पिता की कहानियों ने किया सैन्य सेवाओं के लिए प्रेरित

अक्षिता की कर्तव्य पथ पर मौजूदी इस बात का सिंबल बनेगी कि महिलाएं देश की सेवा में कितना आगे निकल आईं है.

Flight Lieutenant Akshita Dhankar Flight Lieutenant Akshita Dhankar

26 जनवरी 2026 को देश 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा. इस दौरान कर्तव्य पथ से राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जाएगा. इस दौरान भारत की राष्ट्रपति के साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ नज़र आएंगी. वह राष्ट्रीय ध्वज को फहराने में मदद करेगी. यह वह पल होगा जो बहुत ही कम अफसरों को नसीब होता है. यह उस सपने को पूरा करता है जो हरियाणा से एक छोटे से गांव से शुरू हुआ था. इसलिए यह जगदीप धनखड़ के लिए भी खास रहेगा. राष्ट्रपति के पीछे खड़े होकर, फ्लैग होस्टिंग सेरेमनी का हिस्सा बनना एक गर्व से भरा हुआ पल होता है.

ध्वज को फहराने का मौका मिलना उस पल को याद दिलाता है जब देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई थी, और एक लोकतांत्रिक देश बनने का मौका मिला था. यह वह लम्हा है जब महसूस होता है कि देश और उसके नागरिकों को एक संविधान के तहत कई ताकत मिलेंगी.

महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
भारत को स्वतंत्रा मिलने के 70 साल बाद, अक्षिता की कर्तव्य पथ पर मौजूदी इस बात का सिंबल बनेगी कि महिलाएं देश की सेवा में कितना आगे निकल आईं है. साथ ही उनकी आर्मी में भी भागीदारी बढ़ती जा रही है. यह महिलाओं का शक्तिकरण की तरफ एक बड़ा कदम है.

क्या है धनखड़ की कहानी?
कसनी गांव में जन्म लेने वाली अक्षिता, एक ऐसे परिवेश में बढ़ी हुईं जहां देश की सैन्य ताकत के बारे में बात करना रोजमर्रा की आम बात होती है. उनके पिता ने भी एक बार गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लिया था. जिसके बाद उन्होंने जो कहानियां अपनी बेटी को सुनाईं. उससे उनकी बेटी काफी प्रेरित हुई. उन कहानियों का उनपर ऐसा प्रभाव पड़ा कि वह खुद को यूनिफॉर्म पहने परेड का हिस्सा बनने का सपना देखने लगी.

बेशक सुनने में यह सपना मामूली लगे. लेकिन इस सपनों को आकार देने का काम श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में पूरा हुआ. दिल्ली विश्वविद्यालय के इस कॉलेज में वह नेशनल कैडेट कॉर्प में एक कैडेट बनीं. जहां उन्होंने अनुशासन और पालन, सबकुछ सीखा. एक तरह से यह कॉलेज उनके सपने का सांचा बना.

बाद में उन्होंने भारतीय एयर फोर्स ज्वाइन करने का फैसला किया, इसके लिए उन्होंने एडमिशन टेस्ट को पास किया और मैसूर के एयर फोर्स सलेक्शन बोर्ड में रेकमेंड किया गया. उन्होंने भारतीय एयर फोर्स में जून 2023 में कमिशन किया और आज वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट के तौर पर काम कर रही हैं. उनके काम को देखते हुए उन्हें 77वें गणतंत्र दिवस के लिए चयनित किया गया.