जानें मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाने वाले जज कौन हैं.
जानें मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाने वाले जज कौन हैं.
मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है. दोनों को सजा सुनाने वाले मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा-II हैं. करीब 23 साल के न्यायिक अनुभव वाले मिश्रा सिविल जज से लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. उन्होंने अलग-अलग जिलों में न्यायिक पदों पर काम करने के साथ उत्तर प्रदेश शासन के विधि विभाग और राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण में भी सेवाएं दी हैं. खास बात यह है कि उन्हें मेरठ में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात हुए अभी करीब पांच महीने ही हुए हैं.
मऊ में हुआ जन्म, 2003 में न्यायिक सेवा में आए
अरविंद कुमार मिश्रा-II का जन्म 2 जुलाई 1971 को हुआ था. उनका गृह जनपद मऊ है और उनके पिता का नाम स्वर्गीय बीपी मिश्रा था. उन्होंने साल 1990 में बीए, 1994 में एलएलबी और 1996 में एलएलएम की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद 31 मई 2003 को उनकी नियुक्ति उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में हुई. यहीं से उनके न्यायिक करियर की शुरुआत हुई. न्यायिक सेवा में आने के बाद अरविंद कुमार मिश्रा-II ने गाजीपुर, सुल्तानपुर, अलीगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में काम किया. अलीगढ़ में उन्होंने सिविल जज, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और रेलवे से जुड़े न्यायिक पदों पर जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद गोरखपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर सेवाएं दीं. अप्रैल 2014 में उनकी तैनाती कानपुर नगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में हुई. यहां उन्होंने अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के तौर पर भी काम किया.
यूपी शासन में विशेष सचिव और अपर विधि परामर्शदाता रहे
अरविंद कुमार मिश्रा-II अप्रैल 2018 से अगस्त 2020 तक उत्तर प्रदेश शासन में प्रतिनियुक्ति पर रहे. इस दौरान उन्होंने विशेष सचिव एवं अपर विधि परामर्शदाता (विधायी) का पद संभाला. शासन में अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के बाद उन्होंने बस्ती और कानपुर नगर में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दीं. मई 2023 में उन्हें लखनऊ स्थित राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया. इस तरह उनके न्यायिक करियर में जिला अदालतों के अलावा परिवार न्यायालय, राज्य सरकार के विधि विभाग और अपीलीय न्यायाधिकरण में काम करने का अनुभव भी जुड़ा.
नवंबर 2024 में बने मिर्जापुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश
नवंबर 2024 में अरविंद कुमार मिश्रा-II को मिर्जापुर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया. इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 13 मई 2026 को स्थानांतरण अधिसूचना जारी की, जिसमें उन्हें मेरठ का जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया. 21 मई 2026 से उन्होंने मेरठ में यह जिम्मेदारी संभाली. इस पद पर आने से पहले वह मिर्जापुर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के तौर पर कार्यरत थे. मेरठ में उनके कार्यकाल के दौरान सौरभ राजपूत हत्याकांड चर्चा में रहा. इस मामले में 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया गया था. नीले ड्रम में शव छिपाने की वजह से यह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा. दोनों दोषियों को सजा सुनाने के लिए 14 अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई थी. इसी दिन अरविंद कुमार मिश्रा-II ने मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई.
31 जुलाई 2031 को होंगे सेवानिवृत्त
अरविंद कुमार मिश्रा-II का न्यायिक करियर करीब 23 वर्षों के अनुभव से जुड़ा है. इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों में न्यायिक पदों पर काम किया और परिवार न्यायालय, उत्तर प्रदेश शासन के विधि विभाग तथा राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण में भी जिम्मेदारियां निभाईं. उपलब्ध विवरण के मुताबिक, उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि 31 जुलाई 2031 है.
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