प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैई ची.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैई ची.
BRICS Summit 2026 के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंचे हैं. उनके साथ चीन के एक बेहद ताकतवर नेता 'काई ची' भी आए हैं. काई ची को शी जिनपिंग का बेहद भरोसेमंद साथी और 'राइट हैंड मैन' माना जाता है. चीन की राजनीति में उनकी पकड़ काफी मजबूत है.
काई ची चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सबसे ताकतवर सात सदस्यीय पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं. वह पार्टी के सेंट्रल सेक्रेटेरिएट में भी अहम जिम्मेदारी संभालते हैं. इसके अलावा वह कम्युनिस्ट पार्टी के सेंट्रल ऑफिस के प्रमुख हैं. इन जिम्मेदारियों के कारण उनकी सीधी पहुंच राष्ट्रपति शी जिनपिंग तक रहती है.
काई ची और शी जिनपिंग का साथ काफी पुराना है. दोनों ने चीन के फुजियान और झेजियांग प्रांत में काम किया है. इसी दौरान दोनों के बीच करीबी संबंध बने. समय के साथ काई ची चीन की राजनीति में तेजी से ऊपर बढ़ते गए.
2022 में उन्हें चीन की सबसे ताकतवर राजनीतिक समिति में जगह मिली. 2026 में उन्हें चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय पार्टी स्कूल और नेशनल एकेडमी ऑफ गवर्नेंस की जिम्मेदारी भी दी गई. इससे उनकी ताकत और बढ़ गई.
शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आए हैं. ऐसे समय में काई ची का उनके साथ आना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में तनाव रहा है. अब दोनों देशों के बीच संबंधों को धीरे-धीरे बेहतर करने की कोशिश हो रही है.
BRICS Summit में भारत और चीन के बीच व्यापार, सीमा और आपसी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की उम्मीद है. ऐसे में शी जिनपिंग के साथ काई ची की मौजूदगी को चीन की ओर से इस दौरे को दी जा रही अहमियत के तौर पर देखा जा रहा है.