scorecardresearch

बैंक लॉकर से एक करोड़ का सोना गायब, क्लीनर ने बनाई डुप्लीकेट चाबी

महाराष्ट्र के अकोला में एक बैंक के लॉकर से एक करोड़ का सोना गायब हो गया. पुलिस ने इस मामले में क्लीनर को गिरफ्तार किया. पुलिस जांच में पता चला कि क्लीनर ने डुप्लीकेट चाबी बनाई और सोना गायब किया.

Advertisement
Akola News Akola News

महाराष्ट्र के अकोला में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एमजी रोड शाखा से करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये का सोना गायब होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. बैंक के लॉकर में रखे 715.044 ग्राम सोने के आभूषण कथित तौर पर गायब पाए गए. इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 7 लाख 25 हजार 660 रुपये बताई जा रही है.

बैंक क्लीनर गिरफ्तार-
इस मामले में बैंक के क्लीनर 29 वर्षीय वैभव धनराज कोल्हे के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है. आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद कोर्ट ने उसे 4 सितंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है.

डुप्लीकेट चाबी बनाकर लॉकर में सेंध?
पुलिस के मुताबिक आरोपी बैंक में क्लीनर के तौर पर काम करता था. सिटी कोतवाली पुलिस के थानेदार संजय गवई के अनुसार प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर लॉकर की डुप्लीकेट चाबी तैयार की और उसके जरिए लॉकर से 700 ग्राम से ज्यादा सोना निकाल लिया.

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि डुप्लीकेट चाबी कब और कैसे बनाई गई और आरोपी को लॉकर तक पहुंच कैसे मिली.

सोना बेचने के बजाय कराया मॉर्गेज-
पुलिस की प्राथमिक जांच में इस मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर निकाले गए सोने के आभूषणों को अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों में मॉर्गेज किया. इसके बदले मिली रकम को आरोपी ने कथित तौर पर अपने बैंक खाते में जमा किया.

अब पुलिस उन फाइनेंस कंपनियों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितना सोना कहां मॉर्गेज किया गया और उससे कितनी रकम हासिल की गई.

शिकायत के बाद खुला मामला-
इस मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख पंकजकुमार कमलाप्रसाद श्रीवास्तव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत और प्राथमिक जांच के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी वैभव कोल्हे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया.

डिमांड लोन के लेन-देन की भी जांच-
पुलिस के मुताबिक बैंक में डिमांड लोन से जुड़े कुछ व्यवहारों में भी कथित अनियमितता सामने आई थी. इसी जांच के दौरान बैंक के लॉकर में रखे सोने के आभूषणों में भी गड़बड़ी का पता चला. अब पुलिस यह जांच कर रही है कि सोने की कथित हेराफेरी और डिमांड लोन से जुड़े लेन-देन के बीच कोई संबंध है या नहीं.

अब पुलिस के सामने ये बड़े सवाल-

  • क्या आरोपी ने अकेले ही लॉकर की डुप्लीकेट चाबी बनाई?
  • लॉकर तक पहुंचने और सोना निकालने में क्या किसी और ने उसकी मदद की?
  • 715 ग्राम से ज्यादा सोना किन-किन फाइनेंस कंपनियों में मॉर्गेज किया गया?
  • उसके बदले मिली रकम कितनी थी और वह रकम किन खातों में गई?
  • बैंक के लॉकर की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर इतना बड़ा सोना बाहर कैसे निकल गया?

रिमांड पर है आरोपी-
फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और पुलिस सोने की बरामदगी, फाइनेंस कंपनियों में हुए मॉर्गेज और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस कथित वारदात में आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं.

ये भी पढ़ें: