Paratwada Obscene Video Case
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महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में सामने आए सनसनीखेज सेक्स स्कैंडल मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. अमरावती ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने बताया कि अब तक इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 2 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी जारी है और आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
अब तक 8 पीड़िता की हुई पहचान-
पुलिस के मुताबिक इस मामले में अब तक 8 पीड़िताओं की पहचान हो चुकी है, जबकि 3 और पीड़ितों की पहचान होने की संभावना है. एसपी विशाल आनंद ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और उन्होंने अपील की है कि अन्य पीड़िताएं भी बिना डर के आगे आएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं.
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस द्वारा अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 19 साल का अयान अहमद तनवीर अहमद, 20 साल का उजैर खान इकबाल खान, 22 साल का मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर, 24 साल का तरबेज खान तस्लीम खान शामिल है. सभी आरोपी अचलपुर और परतवाड़ा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं.
किराए के कमरे में होता था शोषण, बनाते थे वीडियो-
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी द्वारा अमरावती शहर में किराए पर कमरा लिया गया था, जहां लड़कियों को लाकर उनके साथ लैंगिक शोषण किया जाता था. इस दौरान अश्लील वीडियो भी बनाए जाते थे. शुरुआती जांच में 2 पीड़िताओं के साथ हुए शोषण के वीडियो सामने आए हैं, जो इसी किराए के कमरे में शूट किए गए थे.
इस मामले में एक आरोपी पर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है, जबकि एक अन्य आरोपी ने कमरा किराए पर उपलब्ध कराया था. दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
डिजिटल सबूत जब्त-
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं. इनमें मौजूद वीडियो की जांच की जा रही है. पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ वीडियो डिलीट किए गए थे, जिन्हें रिकवर करने की कोशिश की जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए 47 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व IPS अधिकारी शुभम कुमार करेंगे. इस टीम में क्राइम ब्रांच, महिला अधिकारी और पुलिस के अनुभवी कर्मचारी शामिल हैं.
घटनास्थल का रीक्रिएशन भी होगा-
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनास्थल का रीक्रिएशन भी करेगी, ताकि पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझा जा सके और कोर्ट में मजबूत सबूत पेश किए जा सकें. चूंकि घटनास्थल अमरावती शहर का है, इसलिए शहर पुलिस आयुक्तालय भी इस जांच में सहयोग करेगा.
पुलिस ने साफ कहा है कि जो भी पीड़िताएं हैं, वे जहां चाहें वहां पुलिस को बुलाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं. शिकायत को सील पैक कर पूरी गोपनीयता के साथ दर्ज किया जाएगा, ताकि पीड़ितों को किसी भी तरह की सामाजिक या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े. 180 पीड़ितों के दावे पर फिलहाल पुलिस ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
(धनंजय साबले की रिपोर्ट)
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