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ना शादी, ना नौकरी, 20 साल तक कलेजे में जलती रही नफरत की आग, 23 साल के युवक का प्रतिशोध

बिहार के आरा में 23 साल के एक शख्स ने एक बुजुर्ग पर चाकू से हमला किया और खुद थाने जाकर सरेंडर कर दिया. जब वो युवक बच्चा था तो उसके सामने उसके पिता और दादा पर जुल्म हुआ था. उसके दिल में प्रतिशोध की आग चल रही था. अब उसने बदला लिया है.

Ara Crime Ara Crime

बिहार के आरा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी. यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसके पीछे छिपा दर्द और नफरत बिल्कुल हकीकत है. एक 23 साल का युवक, जिसने 20 साल तक अपने सीने में प्रतिशोध की आग को पाले रखा. एक ऐसी आग, जिसने उसकी शादी, उसका करियर और उसकी शांति सब कुछ स्वाहा कर दिया. वजह थी बचपन में अपनी आंखों के सामने अपने भाई, मां, बाप और बुजुर्ग दादा पर बरसते कोड़े. आज उसी प्रतिशोध ने एक पूर्व एयरफोर्स सार्जेंट को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है.

वारदात के बाद थाने पहुंचा युवक-
​दरअसल आरा के नगर थाना क्षेत्र स्थित शांति नगर मोहल्ले में मंगलवार की दोपहर जब चीख-पुकार मची, तो‌ लोगों को लगा कि ये कोई मामूली झगड़ा है. लेकिन जब परतें खुलीं, तो पता चला कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि 20 साल पुराने उस जख्म का नतीजा था, जिसे आरोपी अनिल शुक्ला उर्फ मनजी अपनी यादों में रोज कुरेदता था.

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खूद थाने पहुंचा और अपने जुर्म को कबूला. हालांकि प्रतिशोध में किए गए चाकू से हमले में आरोपी भी खूद के लगे चाकू से घायल हो गया है. जिसका अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा के बीच इलाज चल रहा है.

20 साल बाद प्रतिशोध-
आरोपी अनिल शुक्ला उर्फ मनजी के मुताबिक, 20 साल पहले संपत्ति के विवाद में उसके भाइयों और 80 साल के दादा को नग्न कर कोड़ों से पीटा गया था. उसकी मां को रसोई में कैद कर दिया जाता था. उस वक्त छोटा सा अनिल डर के मारे छज्जे पर छुपकर अपने भाइयों की चीखें सुनता था. वही चीखें आज खंजर बनकर पूर्व एयरफोर्स सार्जेंट अरविंद उपाध्याय के सीने और पेट में समा गईं. मुझे कोई अफसोस नहीं है. जेल ही अब मेरा घर है. मैं उसका कलेजा बाहर निकालना चाहता था, बस थोड़ा चूक गया. 20 साल से मैं इसी दिन का इंतजार कर रहा था.

ना शादी, ना नौकरी की-
प्रतिशोध का जुनून ऐसा कि अनिल ने न शादी की, न कोई नौकरी टिकने दी. वह अलग-अलग राज्यों में काम करता था, लेकिन जैसे ही उसे मौका मिलता, वह नौकरी छोड़कर 'रेकी' करने आरा आ जाता था. मंगलवार को मौका मिला और उसने एक बुजुर्ग से मांगकर लाए चाकू से अरविंद पर एक के बाद एक कई वार कर दिए.

डॉक्टर विकास सिंह के मुताबिक, सार्जेंट की हालत नाजुक है. चाकू के वार इतने गहरे थे कि आंतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. फिलहाल ऑपरेशन के बाद उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है.

पीड़ित फैमिली का दुश्मनी से इनकार-
इधर, घायल के परिजनों ने किसी भी पुरानी दुश्मनी से इनकार किया है, लेकिन आरोपी ने खुद नवादा थाने में सरेंडर कर अपनी पूरी कहानी बयां कर दी है. पुलिस अब इस खूनी रंजिश के हर पहलू की जांच कर रही है.

बहरहाल यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि बचपन में देखा गया उत्पीड़न और हिंसा एक बच्चे के मानसिक विकास को किस हद तक अपराधी बना सकती है. 20 साल की नफरत ने आज दो परिवारों को तबाह कर दिया है.

मामले की हो रही जांच- पुलिस
वहीं, नगर थाना में तैनात एसआई मोहम्मद नाजरी हुसैन ने बताया कि पुलिस इस खूनी रंजिश के हर पहलू की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है.

(सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट)

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