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एक घर से निकली 2 अर्थी! पत्नी को अंतिम विदाई दे रहा था पति, सदमे में तोड़ा दम, पूरे गांव में मातम

यूपी के औरैया में सोमवार की शाम को एक महिला की मौत हो गई. पति रातभर बेसुध पड़ा रहा. अगले दिन पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी. जब पत्नी के मांग भरने की रस्म निभाई गई, तभी पति को हार्ट अटैक आया. जिससे उसकी भी मौत हो गई. एक साथ एक घर से दो अर्थी निकलने से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है.

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उत्तर प्रदेश के औरैया में एक रुलाने वाला मामला सामने आया है. एक महिला की मौत हो गई. उसके अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी. इस दौरान पति ने पत्नी की मांग में सिंदूर भरा. इसके बाद कुछ देर बाद उसने भी प्राण त्याग दिए. इस कपल के 2 मासूम बच्चे हैं. माता-पिता के जाने के बाद से 2 मासूम अनाथ हो गए.

पत्नी की मौत बर्दाश्त नहीं कर सका पति, तोड़ा दम-
ये वाक्या औरैया के दिबिायपुर थाना इलाके का है, जहां के मधवापुर गांव में एक महिला टीबी की बीमारी से पीड़ित थी. इसकी वजह से महिला की मौत हो गई. घर में महिला के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी. पत्नी की मांग में सिंदूर भरते समय पति ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई. इस घटना से घर में मातम छाया है और गांववाले हैरान हैं.

सोमवार की शाम को हुई थी पत्नी की मौत-
सोमवार शाम और मंगलवार की सुबह एक ही परिवार पर उस समय ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा कि पूरा गांव स्तब्ध रह गया. चार साल से टीबी की बीमारी से ग्रसित पत्नी की मौत बीते सोमवार की शाम को हो गई थी. मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी. तभी पत्नी की मांग में सिंदूर भरते समय पति सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका और हार्ट अटैक से उसकी मौत होग ई. एक ही दिन में पति-पत्नी की मौत से परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया. 

4 साल से टीबी से पीड़ित थी पत्नी-
पिंकी उम्र 35 साल पत्नी श्यामल दास चार वर्षों से टीबी की बीमारी से ग्रसित थी. उसका इलाज कानपुर में प्राइवेट अस्पताल से चल रहा था. बीते सोमवार शाम तबीयत ज्यादा खराब होने से पिंकी की मौत हो गई. वही श्यामल दास 40 साल पुत्र शिव कुमार पत्नी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके. मंगलवार सुबह जब पत्नी को अंतिम संस्कार के लिए मांग भरते समय पति की भी मौत हो गई.

दो मासूम बच्चे हो गए अनाथ-
वहीं, ग्रामीणों के अनुसार श्यामल दास पत्नी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका. वह पूरी रात बेसुध रहा और मंगलवार सुबह उनकी भी मौत हो गई.

अब माता-पिता दोनों के निधन के बाद दोनों बेटों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों ने शासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है.

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