Basti News
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उत्तर प्रदेश के बस्ती में सड़क पर पड़े 2 बेजुबान पशुओं के शव हटाने के दौरान इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. कप्तानगंज कस्बे के हाईवे पर मृत पडे दो कुत्तों को हटाने पहुंची एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम के कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने शवों को व्यवस्थित तरीके से हटाने और दफनाने के बजाय रस्सी से बांधकर हाईवे पर ही घसीटना शुरू कर दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल-
घटना का वीडियो एक राहगीर ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया. बताया जा रहा है कि हाईवे पर दो कुत्ते मृत अवस्था में पडे थे. सड़क पर शव पड़े होने से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए उन्हें हटाने के लिए एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची थी. उम्मीद थी कि सड़क से शवों को सम्मानजनक तरीके से हटाकर उचित स्थान पर दफनाया जाएगा, लेकिन वायरल वीडियो में कथित तौर पर जिस तरह मृत कुत्तों को रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटते हुए ले जाया जा रहा है, उसने लोगों को झकझोर दिया.
पशुओं के शव से क्रूरता-
हाईवे से मृत पशुओं को हटाना निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सड़क की सफाई और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर बेजुबान जानवरों के शवों के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? इंसान हो या बेजुबान पशु, मृत्यु के बाद उसके शव के साथ सम्मानजनक व्यवहार मानवीय संवेदनशीलता का हिस्सा माना जाता है. ऐसे में वायरल वीडियो ने जिम्मेदार व्यवस्था की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
तीन कर्मचारियों पर एक्शन-
वीडियो वायरल होने के बाद आम लोगों का कहना है कि पेट्रोलिंग टीम का काम केवल सड़क से बाधा हटाना ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करना भी है. यदि मृत पशुओं के शवों को हटाने की कोई निर्धारित प्रक्रिया है तो उसका पालन किया जाना चाहिए. सड़क पर रस्सी से बांधकर शवों को घसीटने का तरीका राहगीरों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद लोग संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेने और यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि मृत पशुओं के शवों को हटाने की निर्धारित व्यवस्था क्या है और मौके पर उसका पालन क्यों नहीं किया गया.
फिलहाल वायरल वीडियो ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या हाईवे से बेजुबानों का शव हटाना महज एक जिम्मेदारी थी, या उस जिम्मेदारी को निभाते समय इंसानियत और संवेदनशीलता भी याद रखी जानी चाहिए थी? अब निगाहें संबंधित अधिकारियों पर हैं कि वे वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर पूरे मामले की जांच कराते हैं या नहीं.
इस मामले में जब हमने हाईवे के सिविल विंग के जनरल मैनेजर प्रवीण गर्ग से जब बात की तो उन्होंने बताया कि हाईवे की पेट्रोलिंग वैन के तीन कर्मचारियों के खिलाफ दोषी पाए पर कार्यवाही की गई है. वैन के चालक को सस्पेंड किया गया है जब कि सह चालक और एक अन्य कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. आगे से इस तरह की घटना न होने इसके लिए सभी कर्मियों को सजग रहने की सख्त हिदायत दी गई है.
(सतीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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