Bhadohi News
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NEET UG में कम अंक पाने वाले छात्रों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए फर्जीवाड़े का ऐसा खेल सामने आया, जिसने नकल माफियाओं को भी पीछे छोड़ दिया. बिचौलियों ने छात्रों को स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के तहत एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराए और उनके आधार पर दाखिला भी करा दिया. भदोही जिले में ऐसे ही नौ छात्रों के फर्जी प्रमाण पत्रों से नीट यूजी 2025 के तहत एमबीबीएस में प्रवेश का मामला सामने आया था. सत्यापन में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
स्वतंत्रता सेनानी कोटे से एडमिशन-
अगस्त 2025 में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश द्वारा भदोही जिले से स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित प्रमाणपत्र के आधार पर नीट 2025 के अंतर्गत एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले नौ छात्रों के प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए पत्र आया. सत्यापन के दौरान सभी नौ छात्रों के प्रमाण पत्र कूटरचित और फर्जी पाए गए. इस आधार पर शिकायत पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की.
फर्जी पाया गया प्रमाण पत्र-
जांच के दौरान फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने के एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ. पुलिस के मुताबिक सरगना संजय दुबे सहित पांच को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. अब इस मामले में भदोही पुलिस ने बुधवार को एक और आरोपी दिनेश कुमार वर्मा को बहराइच जिले से गिरफ्तार किया है.
फर्जी प्रमाणपत्र से दिलाते थे एडमिशन-
इस पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि जिन छात्रों का नीट परीक्षा में कम अंक आते थे, उन्हें यह गिरोह कोटे आदि के तहत एमबीबीएस में प्रवेश कराने का प्रलोभन देते थे और स्वतंत्रता सेनानी का खुद फर्जी प्रमाण पत्र बना कर उन्हें प्रवेश दिलाने का काम करते थे. इस गिरोह में फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले और बिचौलिए शामिल हैं.
गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश में भदोही सहित आगरा, गाजीपुर, बलिया, मेरठ, सहारनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद के 64 छात्रों का एमबीबीएस में प्रवेश निरस्त किया गया है. जिनका प्रवेश स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र पर हुआ था और उनका प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था.
पुलिस ने क्या कहा?
इस पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि जनपद भदोही में थाना ज्ञानपुर में एक मुकदमा पंजीकृत किया गया था, जिसमें यह प्रकाश में आया था कि कुछ बच्चों का नीट एग्जाम में गलत तरीके से फर्जी स्वतंत्रता सेनानी डिपेंडेंट प्रमाण पत्र बनाया गया और उन्हें एडमिशन के लिए भ्रमित किया गया. जिसके अंतर्गत जब हमने छानबीन की जांच कराई तो यह पता चला कि यह प्रमाण पत्र किसी भी सरकारी एजेंसी या सरकारी शाखा के द्वारा नहीं बनाया गया. यह फर्जीवाड़ा जिन्होंने किया था, उन्हीं के द्वारा खुद ही बनाया गया था और प्रमाण पत्र लगवाकर एडमिशन का प्रलोभन दिया गया. इस मामले में सरगना संजय दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. आगे विवेचना जैसे जैसे आगे बढ़ेगी, नए तथ्य प्रकाश में आएंगे तो और लोग गिरफ्तारी होगी और मामले को निस्तारित किया जाएगा.
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