Begusarai Murder Case (Photo: Representational)
Begusarai Murder Case (Photo: Representational)
बेगूसराय बिहार के बेगूसराय जिले में खाना खाते समय बेटे की गला रेत कर हत्या करने के आरोपी पिता को उसकी पत्नी, दूसरा बेटा और पुत्रवधू की गवाही पर न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दरअसल, तेघरा थाना क्षेत्र के पीढौली गांव में 9 जून 2019 में खाना खाने के समय आलोक कुमार को उसके पिता सुधीर सिंह ने गला रेत कर हत्या कर दी थी. हत्या मामले में कोर्ट ने सुधीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिला प्रधान सत्र न्यायाधीश (जिला जज) ऋषिकांत ने धारा 302 में दोषी पाकर आजीवन कारावास के साथ 15 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है.
पिता बेचना चाहता था जमीन
आलोक की पत्नी आभा कुमारी ने मुकदमा दर्ज कराया था. इसमें उसने आरोप लगाया था कि जमीन बेचने से रोकने पर ससुर ने ही मेरे पति की घास काटने वाले कचिया हंसुआ से गला काटकर हत्या कर दी और सबके सामने फरार हो गए. बाद में 20 जून 2019 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. लोक अभियोजक संतोष कुमार ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय ऋषिकांत के न्यायालय में सत्र वाद संख्या- 371/21 में सजा सुनाई गई है. सुधीर कुमार पर आरोप था कि इन्होंने अपने ही पुत्र आलोक कुमार उर्फ सचिन कुमार की 9 जून 2019 को 7 बजे शाम में गला काटकर हत्या कर दिया था. मृतक की पत्नी आभा कुमारी का कहना था कि ससुर सुधीर कुमार ताड़ी-दारू पीते थे और पीकर के जमीन बेचते थे. इस बात पर उनके परिवार के लोगों ने मना किया और खरीददार को भी जाकर कहा कि आप यह जमीन इनसे मत लिखाइए.
फांसी देने की मांग
9 जून को आलोक कुमार उर्फ सचिन भूंजा खा रहा था. इसी दौरान सुधीर कुमार ने गला काटकर हत्या कर दी. सबसे आश्चर्यजनक विषय यह रहा कि इस हत्या के मामले में मृतक की मां गवाह संख्या-एक नूतन देवी ने भी साक्ष्य दिया और अपने पति पर आरोप लगाया कि मेरे पति ने ही हत्या किया है. मृतक के संगे भाई एवं पड़ोसी ने भी आरोप लगाया कि सुधीर ने ही अपने पुत्र की हत्या किया है. कोई भी आदमी मुकदमे में फंसता है, तो देखते हैं उसके परिवार के लोग उसको बचाने के लिए पूरी शक्ति लगा देते हैं.
यहां देखा गया कि इस केस में अभियुक्त की पत्नी भी उसी के विरुद्ध गवाही देकर कहा कि हां इन्होंने ही हत्या किया है. सभी गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर न्यायालय द्वारा धारा-302 में आजीवन कारावास की सजा दी गई. 15 हजार अर्थदंड भी दिया गया. अर्थदंड नहीं देने पर 3 महीने का अतिरिक्त कारावास रहेगा. न्यायालय ने यह भी आदेश पारित किया है कि मृतक की पत्नी आभा कुमारी को लोक अदालत के माध्यम से उचित मुआवजा भी दिलवाया जाए. जज साहब ने भी कहा है कि यह विचित्र मामला है, जिसमें कि अभियुक्त को बचाने के बजाय परिवार के लोगों ने निष्पक्ष होकर गवाही दिया कि यही हत्या किया है. घरवालों ने हत्या मामले में फांसी देने की मांग की गई थी, जिसमें न्यायालय ने उम्र कैद की सजा दी.
(सौरभ कुमार की रिपोर्ट)