Burhanpur News
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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र से लापता हुई आदिवासी युवती शिवानी जिंदा मिल गई है. दरअसल, महाराष्ट्र के जलगांव जामोद में मिली एक जली हुई लाश को पुलिस ने शिवानी का बता दिया था और उसकी हत्या के आरोप में शिवानी के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया था. दोनों पिता-पुत्र पिछले 22 दिन से जेल में बंद हैं. अब शिवानी के जिंदा लौटने से पूरा मामला पलट गया है. इस खुलासे ने महाराष्ट्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
22 अप्रैल को लापता हुई थी शिवानी-
बुरहानपुर जिले खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने बताया कि शिवानी 22 अप्रैल को अचानक लापता हो गई थी. परिजनों की तलाश के बाद 1 मई को खकनार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई. जांच में पता चला कि शिवानी के साथ क्षेत्र का ही एक युवक अर्जुन भी लापता है. दोनों साथ रह रहे थे और अर्जुन की गुमशुदगी 9 मई को दर्ज की गई थी.
बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र से लापता हुई आदिवासी युवती शिवानी जिंदा मिल गई है. दरअसल, महाराष्ट्र के जलगांव जामोद में मिली एक जली हुई लाश को पुलिस ने शिवानी का बता दिया था और उसकी हत्या के आरोप में शिवानी के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया था. दोनों पिता-पुत्र पिछले 22 दिन से जेल में बंद हैं। अब शिवानी के जिंदा लौटने से पूरा मामला पलट गया है.
पिता-पुत्र को भेज दिया गया था जेल-
इसी बीच महाराष्ट्र के जलगांव जामोद में एक युवती की सिर कटी और जली हुई लाश मिली, जो पहचान लायक नहीं थी. सीसीटीएनएस पर ऑनलाइन गुमशुदगी दर्ज होने के कारण महाराष्ट्र पुलिस बुरहानपुर पहुंची. खकनार थाने से जानकारी लेने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उस अज्ञात शव को शिवानी का मान लिया. इसी आधार पर पुलिस ने शिवानी के पिता बापूराव और भाई अजय को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर बुलढाणा जेल भेज दिया.
22 दिन बाद जिंदी मिली शिवानी-
जब शिवानी को पता चला कि उसके पिता और भाई उसकी हत्या के झूठे आरोप में जेल में हैं, तो उसने परिजनों से संपर्क किया. इसके बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आई. खकनार पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शिवानी और अर्जुन को दस्तयाब कर लिया. शिवानी ने बताया कि मैं 24 तारीख को अर्जुन के साथ चली गई थी. हम दोनों जिंदा हैं. मैं अपने पिता और भाई को जेल से छुड़ाना चाहती हूं.
थंब इंप्रेशन और सरकारी आईडी से हुई पहचान-
टीआई जाधव ने बताया कि शिवानी की पहचान उसके थंब इंप्रेशन और सरकारी पहचान पत्र के माध्यम से की गई. परिजनों और रिश्तेदारों के सामने पंचनामा बनाया गया, जिससे पुष्टि हुई कि वह शिवानी ही है. बुधवार रात महाराष्ट्र पुलिस शिवानी और अर्जुन को अपने साथ जलगांव जामोद ले गई है. अब जल्द ही उसके पिता और भाई की जेल से रिहाई की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
जली हुई लाश किसकी थी?
शिवानी के जिंदा सामने आने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि महाराष्ट्र में जो सिर कटी और जली हुई लाश मिली थी, वह आखिर किसकी थी? टीआई अभिषेक जाधव ने कहा कि अब इस मामले में नए सिरे से इन्वेस्टिगेशन होगा. जांच के बाद ही सारे तथ्य और उस अज्ञात शव की असलियत सामने आ सकेगी.
(अशोक सोनी की रिपोर्ट)
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