Accused in police custody
Accused in police custody
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा स्थित गीदम थाना क्षेत्र के ग्राम समलूर में जादू-टोना करने के शक में एक बुजुर्ग की हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
मौत की मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2026 को ग्राम समलूर के उईकापारा निवासी सुखराम सोढ़ी (65) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली थी. मृतक के चेहरे, गाल, कान और माथे पर चोट के निशान पाए गए थे. सूचना के बाद गीदम पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत कठोर एवं कुंद वस्तु से चोट लगने के कारण होना सामने आया. इसके बाद थाना गीदम में अपराध क्रमांक 76/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई.
जांच के दौरान हुआ खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की. पुलिस के मुताबिक, मृतक पर कथित तौर पर जादू-टोना करने का संदेह था, जिसे लेकर कुछ ग्रामीणों में उसके प्रति नाराजगी थी. इसी को हत्या की वजह बताया गया है. पुलिस ने संदेहियों से पूछताछ के बाद ग्राम समलूर निवासी धनीराम भोगामी उर्फ मोटू (28), बिनेश सोढ़ी उर्फ बीनू (25) और मंगतू सोढ़ी (27) को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी का पट्टा सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं. तीनों आरोपियों को 11 सितंबर को दंतेवाड़ा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया.
कार्रवाई में इन अधिकारियों की रही प्रमुख भूमिका
कार्रवाई में उप निरीक्षक शशिकांत यादव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक बिहारी राम, सहायक उप निरीक्षक प्रशांत सिंह, प्रधान आरक्षक राजकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक विनोद मंडावी, आरक्षक बालचंद गावड़े और आरक्षक चंद्रमाला मोजेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार खूंटे एवं उप पुलिस अधीक्षक आकांक्षा सिंह के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई.
(धर्मेंद्र सिह की रिपोर्ट)