scorecardresearch

इंस्टाग्राम पर 14 साल के लकड़े से दोस्ती, फिर एक करोड़ की फिरौती, हनीट्रैप में फंसा नाबालिग

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में हनीट्रैप के जरिए एक 14 साल के लड़के को अगवा कर लिया गया. आरोपियों ने पीड़ित परिवार से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी. लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते सभी आरोपी पकड़े गए और नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया है. 14 साल के नाबालिग से पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती की गई. उसके बाद उसे हनीट्रैप में फंसाया गया.

Durg News Durg News

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में हनीट्रैप के जरिए एक नाबालिग के अपहरण का मामला सामने आया है. आरोपियों ने नाबालिग की फैमिली से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी. हालांकि पुलिस ने साजिश का पर्दाफाश कर दिया और पांचों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया. महिला ने 14 साल के नाबालिग से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की थी. उसके बाद किडनैपिंग का खेल खेला.

किडनैपिंग का मास्टरमाइंड भांजा निकला-
दुर्ग पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए रची गई एक 14 के लड़के के अपहरण कांड का खुलासा किया है. पुलिस ने पांचों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि अपहरण की साजिश का मास्टर माइंड संजय साहू पीड़ित परिवार का परिचित और रिश्ते में भांजा निकला.

एक करोड़ की मांगी फिरौती- 
दुर्ग पुलिस के अनुसार 12 अप्रैल को थाना अमलेश्वर में प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका नाबालिग पुत्र मोटर साइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक अमलेश्वर बुलाया गया था, जहां से अज्ञात व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया. इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन के जरिए परिवार से संपर्क कर एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी.

फौरन हरकत में आई पुलिस-
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, साइबर सेल और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई. पुलिस ने तकनीकी जांच के तहत मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर सूचना के आधार पर जांच शुरू की. शुरुआती जांच में ही पुलिस को अहम सुराग मिले, जिससे आरोपियों की पहचान की दिशा साफ हो गई. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी जिला धमतरी क्षेत्र में छिपे हुए हैं. इसके बाद दुर्ग पुलिस ने धमतरी पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त कार्रवाई की और योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर सभी आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया. साथ ही अगवा नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया.

हनीट्रैप के जरिए नाबालिग अगवा-
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय साहू ने हेम पुष्पा साहू की मदद से हनीट्रैप का जाल बिछाया. संजय साहू पीड़ित परिवार का परिचित और रिश्ते में भांजा बताया जा रहा है. उसने अपहरण की साजिश रची. पुलिस के अनुसार आरोपियों का उद्देश्य आर्थिक लाभ और फिरौती वसूलना था. उन्होंने योजना बनाकर पहले बच्चे को झांसे में लिया और फिर उसे अपने साथ ले गए. इसके बाद परिवार को धमकी देकर एक करोड़ रुपए की मांग की गई.
इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें शैलेन्द्र लहरे, कृष्णा साहू उर्फ करण (मास्टरमाइंड), रविंद्र लहरे, संजय साहू और हेम पुष्पा साहू शामिल हैं. सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों के रहने वाले बताए जा रहे हैं.

जेल भेजे गए आरोपी-
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सेंट्रो कार और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग अपराध की योजना और संपर्क के लिए किया गया था. मोबाइल फोन और तकनीकी साक्ष्यों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है. सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है.

किडनैपिंग के गिरोह से जुड़े हैं आरोपी?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी, जिसे हनीट्रैप के माध्यम से अंजाम दिया गया. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण यह मामला अधिक गंभीर रूप नहीं ले सका और नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया गया. फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है कि क्या आरोपियों का कोई और नेटवर्क भी सक्रिय है या उन्होंने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है.

(रघुनंदन पंडा की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें: