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राजधानी लखनऊ में खाकी को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. आशियाना थाने में तैनात SSI धर्मवीर शाही पर एक पीड़िता ने केस की विवेचना में मदद का झांसा देकर यौन शोषण, बेरहमी से मारपीट, रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है.
इस तरह शारीरिक संबंध बनाने का डाला दबाव
पीड़िता के मुताबिक, उसका मूल मामला बस्ती जिले के छावनी थाने का था, जिसे जीरो एफआईआर के तहत 20 फरवरी को स्थानांतरिक कर आशियाना थाने भेजा गया था. इस केस की जांच SSI धर्मवीर शाही को सौंपी गई थी. 21 फरवरी को बयान दर्ज कराने के बहाने थाने बुलाकर दरोगा ने केस को पुराना बताकर मदद के नाम पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला. आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह उसे समाज में पत्नी का दर्जा देगा और जल्द ही शादी करेगा. इसी झांसे में रखकर वह थाने और किला चौराहे के पास स्थित एक कमरे में बुलाकर लगातार उसका यौन शोषण करता रहा.
झूठे केस में फंसाने की दे रहा था धमकियां
पीड़िता के मुताबिक करीब डेढ़ महीने पहले जब वो आरोपी के साथ बनारस गई, तब मुझे पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है. जब मैंने इस बारे में सवाल-जवाब किए और शादी का दबाव बनाया, तो उसने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. वह मुझे लगातार पर्सनल डेटा वायरल करने और झूठे केस में फंसाने की धमकियां दे रहा था. पीड़िता का आरोप है कि 30 जुलाई 2026 की रात जब वह मां की दवाई लेने गई थी, तब अपोलो हॉस्पिटल के पास SSI धर्मवीर शाही ने अपने साथियों के साथ उसकी गाड़ी में टक्कर मारी. उसे जबरन कार में बैठाकर बुरी तरह पीटा गया और मोबाइल छीन लिया गया. पीड़िता ने बताया कि मारपीट में उसका चेहरा और शरीर बुरी तरह जख्मी हो गया है.
पुलिस हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ
पीड़िता ने डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर से मुलाकात कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज किया है और आरोपी SSI धर्मवीर शाही को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी विवेचना की जा रही है. साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.