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पुलिस पिंक बूथ के बाहर 40 मिनट तक तड़पता रहा युवक, इमजरेंसी मदद के दावे पर उठे सवाल

यूपी के गाजियाबाद में पुलिस बूथ के बाहर एक युवक 40 मिनट तक तड़पता रहा. लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि पुलिस का कहना है कि युवक नशे में था. उसे अस्पताल ले जाया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है.

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उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ के बाहर 22 वर्षीय युवक की मौत के बाद पुलिस की आपातकालीन सहायता व्यवस्था और मौके पर राहत पहुंचने में हुई कथित देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक काफी देर तक घायल अवस्था में मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी जान चली गई. वहीं पुलिस ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है.

ऑटो ड्राइवर ने हुआ था विवाद-
मृतक की पहचान बिहार के सीवान के रहने वाले 22 साल के राजकुमार के रूप में हुई है. मिली जानकारी के अनुसार, राजकुमार का एक ऑटो चालक से किराए को लेकर विवाद हो गया था. इसके बाद वह जान बचाने के उद्देश्य से पास स्थित पिंक बूथ की ओर भागा. आरोप है कि बूथ बंद होने के कारण उसने अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कांच का दरवाजा खटखटाया. जिससे शीशा टूट गया. टूटे हुए कांच से उसके हाथ गंभीर रूप से कट गए और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा.

40 मिनट तक तड़पता रहा युवक-
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि युवक करीब 40 मिनट तक घायल अवस्था में मौके पर पड़ा रहा और लगातार मदद मांगता रहा. लेकिन उसे समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल सकी. बाद में पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और स्थानीय लोग भी समय पर मदद नहीं मिलने को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

वायरल हो रहा वीडियो-
घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वीडियो में युवक पिंक बूथ के सामने सड़क पर अचेत अवस्था में पड़ा दिखाई दे रहा है तथा उसका हाथ बुरी तरह लहूलुहान नजर आ रहा है. इन्हीं वीडियो के आधार पर इलाज और अस्पताल पहुंचाने में कथित देरी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

नशे में था युवक- पुलिस
पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार युवक ने शराब का सेवन किया हुआ था. हालांकि, इस तथ्य की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी और इससे समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराए जाने की जिम्मेदारी का प्रश्न समाप्त नहीं होता.

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है. घटना के सभी पहलुओं, पुलिस की प्रतिक्रिया, मौके पर सहायता उपलब्ध कराने में लगे समय और वायरल वीडियो की भी जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

उधर, मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष पड़ताल की मांग की है. अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि युवक की मौत केवल अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई या फिर समय पर उपचार न मिल पाने ने भी इसमें निर्णायक भूमिका निभाई. फिलहाल इस घटना ने आपातकालीन पुलिस सहायता तंत्र और संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं.

युवक को अस्पताल ले जाया गया था- पुलिस
कविनगर की कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त उपासना पांडेय ने बताया कि ये वाक्या 12 जुलाई का है, जब दोपहर साढ़े 3 बजे थाना मधुबन बापूधाम अंतर्गत एक ऑटो चालक द्वारा एक ऑटो सवारी को बिठाया गया. दोनों ही नशे की हालत में थे. पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों में आपस में वाद-विवाद हुआ. जिसके बाद दोनों ही पिंक बूथ पर पहुँचे और शराब के नशे की हालत में ऑटो सवारी ने तेजी से पिंक बूथ के गेट पर हाथ मारा. जिससे उसके हाथ में काँच गड़ गया. उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई. सभी तथ्यों की जानकारी पुलिस द्वारा की जा रही है, आवश्यक वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. मौके पर शांति एवं कानून व्यवस्था कायम है.

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