Bike Rider Shivani Chauhan
Bike Rider Shivani Chauhan
गुरुग्राम में हिट एंड रन मामले में पीड़िता महिला बाइकर शिवानी चौहान उर्फ सिया ने आपबीती सुनाई.पीड़िता ने आरोपी को दावों पर सवाल उठाए. सिया ने कहा कि आरोपी ने गाड़ी से टक्कर मारकर गिराने और पीछा करने की कोशिश की.
वो मुझे टक्कर मारना चाहता था- पीड़िता
पीड़िता शिवानी चौहान ने कहा कि ड्राइवर मुझे टक्कर मारकर गिराना चाहता था. शायद उन्हें लगा कि मैं थोड़ा आगे जाऊंगी तो पीछे चल रही तीन-चार गाड़ियां रास्ता पार नहीं कर पाएंगी. इसलिए उन्होंने हरसंभव कोशिश करते हुए अपनी गाड़ी बीच रास्ते में लगा दी.
सिया ने बताया कि जब मोड़ आया, मेरे सामने एक गाड़ी थी और मैं साइड से निकलने की कोशिश कर रही थी. वीडियो में देखिए, गाड़ी कितनी तेजी से नीचे आती है. टायर घिसने की तेज आवाज आती है और वह मेरे बिल्कुल पास से निकल जाती है.
दोनों गाड़ियों के शीशे बंद थे- पीड़िता
सिया ने बताया कि एक और गाड़ी भी थी. दोनों गाड़ियों के शीशे बंद थे और वे सड़कों पर घूम रहे थे. एक गाड़ी ने मुझे कवर करने की कोशिश की. मैं साइड में चल रही थी, लेकिन दूसरी गाड़ी भी मेरा पीछा कर रही थी. मुझे समझ नहीं आया कि वे क्या साबित करना चाहते थे? क्या इसलिए डरा रहे थे, क्योंकि वे लड़के थे और मैं लड़की हूं?
उन्होंने कोई इशारा किया या कुछ कहा था?
जब शिवानी चौहान से पूछा गया कि क्या उन्होंने कोई इशारा किया या कुछ कहा भी था? इसपर शिवानी चौहान ने बताया कि उनमें से एक कुछ बोल रहा था, लेकिन मैंने हेलमेट पहना हुआ था, इसलिए सुनाई नहीं दिया. वह हाथ से इशारा भी कर रहा था. मेरे आगे मौजूद व्यक्ति ने उनसे साइड होने को कहा, लेकिन वे हट ही नहीं रहे थे. इसके बाद उन्होंने गाड़ी घुमाई और मेरा पीछा करने की कोशिश की. इससे मैं घबरा गई और वहां से आगे निकलने का प्रयास करने लगी.
लड़के के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो- पीड़िता
जब सिया ने पूछा गया कि पुलिस से आप क्या कार्रवाई चाहती हैं? तो इस सवाल पर पीड़िता ने कहा कि मैं चाहती हूं कि पुलिस दोनों वाहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे. कम से कम उस लड़के के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
जब शिवानी चौहान से पूछा गया कि आप बाइक चलाती हैं. कम लड़कियां ऐसी दिखती हैं, जिन्हें बाइकिंग का शौक हो. आपके ग्रुप में कितने लोग हैं और आप कब से बाइक चला रही हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मेरा कोई निश्चित ग्रुप नहीं है. मैं कभी-कभी अकेले भी जाती हूं. मेरे कजिन भाई के पास भी बाइक है, तो कभी हम दोनों साथ जाते हैं. मैंने करीब एक साल पहले बाइकिंग शुरू की थी. महिला बाइकर्स की कम्युनिटी काफी छोटी है. हममें से अधिकतर एक-दूसरे को जानते हैं और यह भी जानते हैं कि किसके पास कौन-सी बाइक है.
पीड़िता का कहना है कि इस घटना के बाद मुझे बहुत डर लगा. मैं बाइक तो चला पाऊंगी, लेकिन अब अकेले जाने में डर लगेगा.
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