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गूगल पर अस्पताल का नंबर सर्च कर फंस गई महिला, साइबर ठगों ने 1.20 लाख रुपए उड़ाए

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक महिला को गूगल पर अस्पताल का नंबर सर्च करना महंगा पड़ा गया. महिला साइबर ठगों के निशाने पर आई गई. साइबर ठगों ने महिला से ऑनलाइन भुगतान के नाम पर लिंक पर क्लिक करने को कहा. इसी गलती की वजह से ठगों ने महिला के खाते से 1.20 लाख रुपए उड़ा लिए.

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आजकल हर कोई कुछ ना कुछ गूगल पर जरूर सर्च करता है. तो ये खबर आपके लिए है. गूगल पर सर्च करना खतरनाक हो सकता है. मध्य प्रदेश की एक महिला को गूगल पर अस्पताल का नंबर सर्च करना भारी पड़ गया. साइबर ठगों ने महिला को निशाना बनाया. महिला साइबर ठगों के जाल में फंस गई और लाखों रुपए गंवा बैठी.

गूगल पर किया सर्च तो महिला बन गई शिकार-
मध्य प्रदेश के इंदौर की एक महिला को गूगल पर अस्पताल का नंबर सर्च करना महंगा पड़ा. साइबर ठगों ने महिला से एक लाख से ज्यादा की ठगी कर ली. महिला से साइबर ठगों ने ऑनलाइन भुगतान के नाम पर लिंक पर क्लिक करने को कहा. जैसे ही महिला ने लिंक पर क्लिक किया, महिला के खाते से 1 लाख 20 हजार रुपए गायब हो गए.

अस्पताल में अपॉइंटमेंट के लिए किया था सर्च-
इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र की एक महिला ने अस्पताल में अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर सर्च किया, लेकिन वह साइबर ठगों के जाल में फंस गई. ठगों ने अपॉइंटमेंट के नाम पर लिंक भेजकर महिला से ऑनलाइन भुगतान कराया और कुछ ही देर में उसके खाते से करीब 1 लाख 20 हजार रुपये निकाल लिए. 

पुलिस ने दर्ज किया मामला-
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. दरअसल महिला ने मुंबई के लीलावती अस्पताल में अपॉइंटमेंट बुक कराने के लिए गूगल पर अस्पताल का मोबाइल नंबर सर्च किया. सर्च में मिले नंबर पर संपर्क करने के बाद सामने वाले व्यक्ति ने खुद को अस्पताल का प्रतिनिधि बताते हुए अपॉइंटमेंट प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर एक लिंक भेजा. महिला ने भेजे गए लिंक पर क्लिक कर डेबिट कार्ड के माध्यम से भुगतान किया. इसके लगभग आधे घंटे बाद उसके मोबाइल पर खाते से लगातार रकम कटने के मैसेज आने लगे. 

जांच में जुटी पुलिस-
जांच करने पर पता चला कि साइबर ठग उसके खाते से करीब 1 लाख 20 हजार रुपये निकाल चुके थे. घटना की शिकायत परदेशीपुरा थाने में दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है.

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