scorecardresearch

कब्रिस्तान में शव दफनाने ले गया प्रेमी, चौकीदार ने पूछे सवाल तो खुल गया मामला

उत्तर प्रदेश के झांसी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. मसाज पार्लर में काम करने वाली एक युवती की मौत के बाद उसे कब्रिस्तान में दफनाने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया. युवती का प्रेमी उसके शव को कब्रिस्तान में दफनाने लेकर गया. लेकिन जब कब्रिस्तान के चौकीदार को संदेह हुआ तो उसने आईडी की मांग तो मामला खुल गया. अब पुलिस युवती के प्रेमी से पूछताछ कर रही है.

Jhansi News Jhansi News

उत्तर प्रदेश के झांसी में नवाबाद थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. मसाज पार्लर में काम करने वाली मणिपुर की रहने वाली एक क्रिश्चियन युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके शव को मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाने की कोशिश की गई. कब्रिस्तान कर्मचारियों की सतर्कता से मामला खुला तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. दोस्ती, प्रेम संबंध, धर्म, पहचान और मौत के कारण को लेकर उठे सवालों ने इस केस को और अधिक गंभीर बना दिया है. फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.

कब्रिस्तान में मचा हड़कंप-
नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित जीवन शाह कब्रिस्तान में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक और युवती लोडिंग गाड़ी से एक युवती का शव लेकर पहुंचे. दोनों ने खुद को भाई-बहन बताते हुए शव को मुस्लिम रीति-रिवाज से दफनाने की बात कही.

कब्रिस्तान कर्मचारियों को शक हुआ तो उन्होंने आधार कार्ड मांगे. जांच में सामने आया कि शव मणिपुर की रहने वाली क्रिश्चियन युवती सिम्मी उर्फ टेरेसा का है, जबकि शव लाने वाले दोनों लोग मुस्लिम समुदाय से हैं. इसके बाद कब्रिस्तान प्रबंधन ने दफनाने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस को सूचना दी गई.

मसाज सेंटर में काम करती थी युवती-
मृतका की पहचान सिम्मी उर्फ टेरेसा के रूप में हुई, जो मूल रूप से मणिपुर की रहने वाली थी और झाँसी में एक मसाज सेंटर में काम करती थी. उसका पति जॉन दिल्ली में नौकरी करता है. सूचना मिलने पर वह अपने रिश्तेदार के साथ झांसी पहुंचा और मौत को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की.

सहेली के बयान से सस्पेंस-
मृतका की सहेली जोया के मुताबिक दोनों की मुलाकात नंदनपुरा स्थित मसाज सेंटर में हुई थी. धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती गहरी हो गई और आर्थिक तंगी के कारण सिम्मी उसके साथ रहने लगी. जोया का दावा है कि सिम्मी पिछले कुछ दिनों से बीमार थी. उसे सिविल अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी डॉक्टर से इलाज कराया गया. शाम करीब 6 बजे उसकी मौत हो गई, मरने से पहले सिम्मी ने मुस्लिम रीति से दफनाने की इच्छा जताई थी. जोया ने यह भी कहा कि वह शव को परिजनों के आने तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर में रखवाकर लाई थी.

10 दिन से बीमार थी युवती- प्रेमी
मृतका के कथित प्रेमी इजहार ने बताया कि दोनों की मुलाकात 4–5 महीने पहले मसाज पार्लर के जरिए हुई थी. सिम्मी ने खुद को अविवाहित और परेशान बताया था। उसे शराब पीने की आदत थी और वह पिछले 10 दिनों से बीमार थी. उसने इलाज कराने की कोशिश की और परिवार को सूचना दी. साहिल ने कब्रिस्तान में दफनाने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह शव को पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए लेकर जा रहा था, न कि दफनाने के लिए. हालांकि, कब्रिस्तान चौकीदार के बयान इससे अलग हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है.

रिश्तेदार ने जताई हत्या की आशंका-
मृतका के पति के साथ झाँसी पहुंचे रिश्तेदार अमन सिंह ने पूरे मामले को बेहद संदिग्ध बताते हुए कहा कि सिम्मी की मौत के बाद उसे चर्च ले जाने के बजाय सीधे कब्रिस्तान ले जाया गया. जल्दबाजी में दफनाने की तैयारी की जा रही थी, अगर समय रहते मामला न खुलता, तो बिना जांच के शव दफना दिया जाता. उन्होंने मामले को संवेदनशील बताते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की.

कब्रिस्तान के चौकीदार ने क्या बताया?
जीवन शाह कब्रिस्तान कमेटी के सदस्य इमरान खान ने बताया कि चौकीदार ने संदिग्ध स्थिति की सूचना दी, शव लाने वाले अपनी पहचान स्पष्ट नहीं कर पा रहे थे. कफन और दफनाने की तैयारी भी संदिग्ध थी. पूछताछ में लोग बार-बार अपनी पहचान बदल रहे थे. उन्होंने बताया कि ये लोग पहले कानपुर चुंगी कब्रिस्तान भी गए थे, जहां से उन्हें लौटा दिया गया था. कमेटी की सख्ती के चलते बिना पहचान और संदिग्ध परिस्थितियों में शव को दफनाने की कोशिश को रोक दिया गया. फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए नवाबाद थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, संबंधित लोगों को थाने में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. 

(अजय झा की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ें: