
Shivam Mishra
Shivam Mishra
उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबॉर्गिनी ने बाइक और ऑटो को टक्कर मार दी. जिसमें कई लोग जख्मी हो गए. इस हादसे के बाद बंशीधर टोबैको ग्रुप चर्चा में आ गया है. लैंबॉर्गिनी इस ग्रुप के डायरेक्टर शिवम मिश्रा की है. शिव के पिता केके मिश्रा कानपुर स्थित प्रतिष्ठित बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक हैं. उनकी कंपनी देश की प्रमुख तंबाकू आपूर्ति करने वाली कंपनियों में शामिल है, जो कई नामी पान मसाला और तंबाकू ब्रांड्स को कच्चा माल उपलब्ध कराती है. कंपनी का कारोबारी नेटवर्क उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, मुंबई, गुजरात समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है.
90 साल पुराना फैमिला का कारोबार-
करीब 90 साल पहले स्थापित यह कंपनी कानपुर की पारंपरिक और बड़ी औद्योगिक इकाइयों में गिनी जाती है. वर्तमान में कंपनी के संचालन में केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की अहम भूमिका मानी जाती है. वे न केवल प्रबंधन से जुड़े प्रमुख फैसले लेते हैं, बल्कि कंपनी के विस्तार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं.
कौन हैं शिवम मिश्रा?
शिवम मिश्रा बंशीधर टोबैको प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और कंपनी के दैनिक संचालन की मुख्य जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है. वे कानपुर और दिल्ली के वसंत विहार क्षेत्र में रहते हैं. पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उन्होंने कंपनी के नेटवर्क को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.

कारोबार में अहम जिम्मेदारी निभाते हैं शिवम-
शिवम मिश्रा कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन और फाइनेंशियल मैनेजमेंट से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं. बंशीधर टोबैको ग्रुप देश की प्रमुख तंबाकू सप्लायर कंपनियों में शामिल है, जो बड़े पान मसाला और तंबाकू ब्रांड्स को कच्चा माल उपलब्ध कराती है.
महंगी गाड़ियों और घड़ियों का शौक-
शिवम मिश्रा अपने लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगी गाड़ियों के शौक के लिए भी जाने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पास रोल्स रॉयस, लैंबॉर्गिनी, फेरारी, मैकलेरन और पोर्श जैसी सुपर लग्ज़री कारों का कलेक्शन है. इसके अलावा उनके पास करोड़ों रुपये की डायमंड और ब्रांडेड घड़ियों का संग्रह भी बताया जाता है.
2024 में कंपनी के ठिकानों पर पड़ी थी रेड-
मार्च 2024 में बंशीधर टोबैको ग्रुप उस वक्त देशभर में चर्चा में आया था, जब आयकर विभाग ने कंपनी और इससे जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. यह कार्रवाई कानपुर, दिल्ली, मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों में की गई थी. जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी से जुड़े अधिकांश बड़े फैसले शिवम मिश्रा लेते हैं.

दिल्ली स्थित उनके आवास से भारी मात्रा में नकदी, महंगी डायमंड घड़ियां और सुपर लग्ज़री कारों के दस्तावेज मिलने की खबरें सामने आई थीं. जांच एजेंसियों ने करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी और बेहिसाब संपत्तियों से जुड़े सबूत मिलने का दावा किया था, जिसके बाद शिवम मिश्रा का नाम देशभर में चर्चित हो गया.
इनकम टैक्स रेड के दौरान एक और विवाद सामने आया था, जब दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे अधिकारियों पर कथित रूप से लाइसेंसी पिस्टल तानने की घटना हुई. हालांकि बाद में अधिकारियों की पहचान स्पष्ट होने पर स्थिति को संभाल लिया गया. यह मामला भी काफी समय तक चर्चा में रहा.
(सिमर चावला की रिपोर्ट)
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