Muskan Rastogi
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उत्तर प्रदेश में मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है. दोनों ने सौरभ की हत्या करके उसकी लाश को नीले ड्रम में सीमेंट से जमा दिया था. मृत्यु दंड की सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की बेचैनी बढ़ गई है. सजा सुनाए जाने के बाद दोनों की बेचैनी बढ़ गई है. जेल में अब दोनों की पहचान उनके नाम की बजाय नंबर से होगी.
मानसिक तौर पर परेशान हैं दोनों- जेल प्रशासन
जेल प्रशासन के अनुसार, अदालत से मृत्यु दंड की सजा सुनाए जाने के बाद से दोनों दोषी मानसिक रूप से परेशान हैं. सजा सुनाए जाने से पहले की रात भी दोनों ठीक से सो नहीं सके. रात में भोजन नहीं किया और सुबह नाश्ता भी लिया है लेकिन खाया नहीं. अदालत में दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया था.
अब नंबर से होगी पहचान-
सजा सुनाए जाने के बाद जेल में मुस्कान और साहिल की पहचान उनके बंदी नंबर से होगी. साहिल को बंदी नंबर 395/2026, जबकि मुस्कान को बंदी नंबर 396/2026 आवंटित किया गया है. जेल की प्रक्रिया में अब दोनों की पहचान इन्हीं नंबरों के आधार पर दर्ज की जाएगी.
मुस्कान-साहिल को क्या मिला काम?
साहिल को दो जोड़ी सफेद कुर्ता-पजामा मिले हैं. जबकि मुस्कान को सफेद और क्रीम कलर की एक साड़ी और एक सूट मिला है. दोनों के लिए काम भी अलॉट किए गए हैं. मुस्कान को सिलाई का काम दिया गया है. जबकि साहिल को खेती-बाड़ी का काम मिला है.
बेटी को लेकर चिंतित है मुस्कान-
इस पूरे मामले में मुस्कान की चिंता का एक बड़ा पहलू उसकी बेटी की परवरिश भी है. मृत्यु दंड की सजा के बाद बेटी के भविष्य और उसकी देखभाल को लेकर मुस्कान चिंतित बताई जा रही है. सौरभ की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब मुस्कान और साहिल दोनों को जेल में सजा से जुड़ी आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा.
पूरा मामला-
उत्तर प्रदेश के मेरठ में 3 मार्च 2025 को सौरभ राजपूत की हत्या हुई थी. उसकी लाश को नीले ड्रम में सीमेंट से जमा दिया गया था. पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी को गिरफ्तार किया था. उसके साथ ही उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को भी आरोपी बनाया गया था. अब इस मामले में फांसी की सजा हुई है.
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